Narnaul News: राजकीय महाविद्यालय नारनौल में इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर (रेवाड़ी) के तत्वावधान में आयोजित नौवें जोनल युवा महोत्सव ‘तरंग’ का समापन एवं पारितोषिक वितरण समारोह अत्यंत भव्य, रंगारंग और शानदार तरीके से संपन्न हुआ।
इस तीन दिवसीय महाकुंभ के अंतिम दिन विभिन्न महाविद्यालयों से आए विद्यार्थियों ने अपनी कला, संस्कृति, साहित्य और रचनात्मकता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। समारोह की अध्यक्षता जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी एवं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अमित चौधरी ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर असीम मिगलानी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रोफेसर दिलबाग सिंह ने गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में शिरकत की। इसके अलावा, पद्म भूषण से सम्मानित प्रसिद्ध लोक कलाकार महावीर सिंह गुड्डू की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह में चार चांद लगा दिए।
संस्कृति और प्रतिभा को निखारने का सशक्त मंच- कुलपति
समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि कुलपति प्रोफेसर असीम मिगलानी ने युवा महोत्सव ‘तरंग’ के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं की अंतर्निहित प्रतिभा को तराशने और उन्हें अपनी रचनात्मकता प्रदर्शित करने का सशक्त मंच प्रदान करते हैं।
शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना है। ऐसे आयोजन युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करते हैं।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अमित चौधरी ने कहा कि कला, साहित्य, संगीत और नृत्य के प्रति लगाव विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को एक नई दिशा देता है। उन्होंने आयोजन की सफलता में सहयोग देने वाले विश्वविद्यालय प्रशासन, अतिथियों, निर्णायक मंडल, प्राध्यापकों, कर्मचारियों और सभी विद्यार्थियों का हृदय से आभार व्यक्त किया।
हरियाणवी रागिनी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
समारोह का मुख्य आकर्षण महाविद्यालय के भूतपूर्व छात्र संघ के सचिव एवं पूर्व खनन अधिकारी वासुदेव यादव की प्रस्तुति रही। उन्होंने अपनी प्रसिद्ध हरियाणवी रागिनी ‘भांग रगड़ कर पिया करूं मैं, कूंडी सोंटे आला सूं’ गाकर पूरे पंडाल को तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान कर दिया।
उन्होंने बताया कि पूर्व छात्र संघ के प्रधान मनीष मित्तल की अध्यक्षता में महाविद्यालय के चहुंमुखी विकास के लिए 20 से 25 लाख रुपये का सामान योगदान में दिया गया है। इसके अलावा, पूर्व प्राचार्य डॉ. जयप्रकाश कौशिक ने अपनी वीर रस की कविताओं से सभी का मन मोह लिया।
विभिन्न मंचों पर हुईं प्रतियोगिताएं और विजेताओं का सम्मान
महोत्सव के दौरान परफॉर्मिंग आर्ट्स और विजुअल आर्ट्स की विभिन्न प्रतियोगिताओं के लिए छह विशेष मंच तैयार किए गए थे, जिन पर एकल नृत्य, समूह गान, नाटक, नुक्कड़ नाटक, रंगोली, पोस्टर मेकिंग, डिबेट और संस्कृत श्लोक उच्चारण जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ।
समारोह के दूसरे चरण में भव्य पारितोषिक वितरण किया गया, जहां अतिथियों ने विभिन्न महाविद्यालयों से आई विजेता टीमों, बेस्ट एक्टर, बेस्ट एक्ट्रेस और ऑल ओवर ट्रॉफी जीतने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया। तीन दिनों तक चला यह महोत्सव उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ।
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