Haryana Sports: हरियाणा के भिवानी जिले के खिलाड़ियों ने खेल के मैदान पर एक बार फिर अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवाया है। करनाल जिले के असंध में संपन्न हुई सीबीएसई नेशनल जूडो प्रतियोगिता में भिवानी (Bhiwani Judo Players) के उभरते खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए दो अहम पदक अपने नाम किए।
इस प्रतियोगिता में मुस्कान ने कड़े मुकाबलों के बीच शानदार दांवपेंच दिखाते हुए स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) पर कब्जा जमाया, वहीं विहान ने भी अपनी दमदार खेल शैली का परिचय देते हुए रजत पदक (सिल्वर मेडल) हासिल किया। इस दोहरी सफलता से न केवल उनके परिवारों में बल्कि पूरे भिवानी जिले के खेल प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
कड़े मुकाबलों में साबित की अपनी काबिलियत
प्रतियोगिता के 48 किलोग्राम भार वर्ग में उतरी मुस्कान ने शुरुआत से ही अपने प्रतिद्वंद्वियों पर बढ़त बनाए रखी और फाइनल मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। अपनी इस उपलब्धि का श्रेय उन्होंने अपने कोच के सटीक मार्गदर्शन और रोजाना की कड़ी मेहनत को दिया है। (Asandh Judo Competition) दूसरी ओर, 40 किलोग्राम भार वर्ग में भाग लेने वाले विहान ने भी पीछे मुड़कर नहीं देखा और अपने आक्रामक व सधे हुए खेल की बदौलत रजत पदक जीतने में सफलता हासिल की। दोनों युवा खिलाड़ियों की इस सफलता के पीछे उनकी महीनों की पसीना बहाने वाली तपस्या और अनुशासन साफ झलकता है।
भव्य स्वागत और यूथ एसोसिएशन का प्रोत्साहन
प्रतियोगिता जीतकर अपने गृह जिला भिवानी लौटने पर विजेता खिलाड़ियों का पारंपरिक अंदाज में जोरदार स्वागत किया गया। खेल प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर और नोटों के हार से लादकर उनकी हौसलाफजाई की। इस अवसर पर यूथ एसोसिएशन के अध्यक्ष अजीत बामला भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
उन्होंने विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि भिवानी के इन होनहार बच्चों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का डंका बजाया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि हाल ही में आयोजित महाकुंभ ट्रायल में भी इन खिलाड़ियों का चयन हुआ है, जो इनके उज्ज्वल भविष्य की ओर एक बड़ा इशारा है।
भीम स्टेडियम में जूडो के लिए बड़े हॉल की दरकार
खिलाड़ियों के सम्मान के बीच स्थानीय खेल सुविधाओं का मुद्दा भी खुलकर सामने आया। यूथ एसोसिएशन के अध्यक्ष अजीत बामला और जूडो कोच मुकेश ने भिवानी के प्रसिद्ध भीम स्टेडियम में आ रही दिक्षइयों का जिक्र किया।
कोच मुकेश ने बताया कि स्टेडियम में दो महिला कोचों की देखरेख में 70 से अधिक बच्चे जूडो का कड़ा प्रशिक्षण ले रहे हैं, और इस सत्र में ही 7 से 8 खिलाड़ियों ने नेशनल स्तर पर मेडल जीते हैं। हालांकि, बॉक्सिंग और कुश्ती की तर्ज पर जूडो के लिए भी पर्याप्त जगह और अलग से बड़े हॉल की कमी खल रही है। सीमित स्थान के कारण नए बच्चों, पदक विजेताओं और राज्य स्तर के खिलाड़ियों को अलग-अलग पारियों में अभ्यास कराना पड़ता है।
सांसद के आश्वासन से जगी नई उम्मीदें
प्रशिक्षण दे रहे कोच ने उम्मीद जताई है कि स्थानीय सांसद धर्मबीर सिंह द्वारा हाल ही में किए गए खेल परिसर के दौरे के बाद हालात सुधरेंगे। सांसद ने खिलाड़ियों की सुविधा के लिए शेड और बड़े हॉल की व्यवस्था कराने का भरोसा दिया है, जिस पर काम भी शुरू हो गया है। इस हॉल के बन जाने से न सिर्फ भिवानी के खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास के लिए बेहतरीन सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि भविष्य में भिवानी में राज्य और राष्ट्रीय स्तर की जूडो प्रतियोगिताओं के आयोजन का रास्ता भी साफ हो जाएगा।
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