Haryana Weather: हरियाणा के आसमान में छाए मानसूनी बादलों ने एक बार फिर अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। मंगलवार तड़के से ही प्रदेश के कई हिस्सों में शुरू हुई झमाझम बारिश ने जहां लोगों को पसीने छुड़ाने वाली उमस से बड़ी राहत दी है, वहीं कुछ इलाकों में बारिश आफत बनकर भी टूटी है। कुरुक्षेत्र जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां बारिश के कारण एक जर्जर मकान का लेंटर अचानक ढह गया। इस भीषण हादसे में कमरे के भीतर सो रहे दंपती की मलबे के नीचे दबने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
कुरुक्षेत्र के इस गांव में हुए हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए राहत कार्य शुरू किया और काफी मशक्कत के बाद लेंटर के मलबे को काटकर शवों को बाहर निकाला। पुलिस और स्थानीय प्रशासन के मुताबिक मृतकों की पहचान 48 वर्षीय करनैल सिंह और उनकी पत्नी जसविंदर कौर के रूप में हुई है। इस दुखद हादसे के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और पीड़ित परिवार में कोहराम मचा है।
अंबाला से रेवाड़ी तक झमाझम, झज्जर में जलभराव से थमी रफ्तार
बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो मंगलवार सुबह अंबाला, नारनौल, रेवाड़ी, झज्जर और जींद में तेज से मध्यम बारिश हुई। वहीं कुरुक्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में भी सुबह से ही बादल जमकर बरसे। झज्जर जिले में तो कुछ ही घंटों की बारिश के बाद निचले इलाकों और मुख्य चौराहों पर घुटनों तक पानी भर गया। सड़कों पर जलभराव के कारण दोपहिया और चार पहिया वाहनों को निकलने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि, तापमान में आई गिरावट से लोगों ने राहत की सांस ली है।
मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने अलर्ट जारी करते हुए पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, करनाल, कैथल, रोहतक, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह और पलवल समेत 16 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गर्जन की संभावना जताई है। अचानक बदले इस मौसम के कारण ग्रामीण इलाकों में किसानों के चेहरे खिल गए हैं, क्योंकि यह बारिश धान और अन्य खरीफ फसलों के लिए संजीवनी का काम करेगी।
6 अगस्त तक जारी रहेगा बारिश का दौर, जानिए मौसम विशेषज्ञों का दावा
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, उत्तर-पूर्वी राजस्थान के ऊपरी वायुमंडल में एक मजबूत मौसमी सिस्टम (सर्कुलेशन) सक्रिय हुआ है। इस सिस्टम की वजह से हरियाणा में मानसूनी हवाओं की गति काफी तेज हो गई है। इसका सीधा असर प्रदेश भर में देखने को मिल रहा है और 4 से 6 अगस्त के बीच ज्यादातर जिलों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान है।
मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो 7 और 8 अगस्त से बारिश की तीव्रता में थोड़ी कमी आएगी। उस दौरान आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और कुछ ही स्थानों पर छिटपुट बौछारें पड़ सकती हैं। बादलों की आवाजाही के चलते दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, जबकि रात के समय हल्की नमी और तापमान में आंशिक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। प्रशासन ने लोगों से जर्जर मकानों से दूर रहने और जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतने की अपील की है।
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