Jan Aadhaar Scheme: राजस्थान में सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए जन आधार व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जन आधार की तकनीकी व्यवस्था में लगातार सुधार किया जाए, ताकि आम लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने पारदर्शी, आसान और समयबद्ध सेवा वितरण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। गुरुवार को शासन सचिवालय में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राजस्थान जन आधार प्राधिकरण की 5वीं उच्च स्तरीय समिति की बैठक हुई। इसमें जन आधार के माध्यम से संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति, तकनीकी व्यवस्थाओं, सेवाओं की गुणवत्ता और आमजन को मिल रही सुविधाओं की समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों ने जन आधार से जुड़े आंकड़े भी प्रस्तुत किए। इनके अनुसार, प्रदेश की अनुमानित आबादी के 96 प्रतिशत से अधिक लोग इस व्यवस्था से जुड़ चुके हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि जन आधार सरकारी योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचाने का अहम माध्यम है। इसलिए इसकी कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाना जरूरी है।
85 हजार से अधिक ई-मित्र संचालकों से फेसबुक लाइव पर होगा संवाद
मुख्य सचिव ने प्रदेश में संचालित 85 हजार से अधिक ई-मित्र केंद्रों के संचालकों से सीधे संवाद करने के निर्देश दिए। इसके लिए विभाग फेसबुक लाइव के माध्यम से विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगा। इस बातचीत के जरिए अधिकारियों को जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति समझने का अवसर मिलेगा। ई-मित्र संचालक आम लोगों को सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनके सामने आने वाली व्यावहारिक समस्याओं, तकनीकी दिक्कतों और सेवा वितरण में सुधार की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। मुख्य सचिव ने कहा कि जमीनी स्तर से मिलने वाले सुझावों के आधार पर व्यवस्था को बेहतर बनाया जाना चाहिए। बैठक में मुख्य सचिव ने जन आधार एआई चैटबॉट का परीक्षण भी किया। उन्होंने इसकी कार्यप्रणाली और उपयोगिता को परखा। आधार और जन आधार से जुड़ी तकनीकी सेवाओं के रिस्पांस टाइम और एक्यूरेसी की समीक्षा करते हुए उन्होंने चैटबॉट को अधिक सटीक, प्रभावी और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाने पर जोर दिया।
डैशबोर्ड से होगी योजनाओं की निगरानी, 181 की शिकायतों पर भी नजर
मुख्य सचिव ने विभाग को जन आधार योजना की मासिक प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन आधार डैशबोर्ड को सरल और उपयोगी बनाया जाए, ताकि योजनाओं की प्रगति, लाभार्थियों की स्थिति और विभागीय कामकाज से जुड़ी जानकारी आसानी से मिल सके।उन्होंने डैशबोर्ड में सूचनाओं को व्यवस्थित ढंग से उपलब्ध कराने और डेटा की अनावश्यक क्लस्टरिंग से बचने को कहा। इससे अधिकारियों को योजनाओं की निगरानी और उनके क्रियान्वयन में आ रही कमियों की पहचान करने में आसानी होगी। जन आधार से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण को भी मुख्य सचिव ने प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 181 कॉल सेंटर पर आने वाले परिवादों की नियमित निगरानी होनी चाहिए। विभागीय अधिकारी खुद 181 कॉल सेंटर पहुंचकर शिकायतों की सुनवाई और उनके समाधान की प्रक्रिया का निरीक्षण करेंगे।
बैठक में जन आधार 2.0 के क्रियान्वयन और इसके उन्नत संस्करण पर सुगम स्थानांतरण की प्रक्रिया की भी समीक्षा हुई। मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों के लेगेसी सिस्टम से नए पोर्टल पर डेटा और सेवाओं के माइग्रेशन के दौरान सामने आ रही तकनीकी और व्यावहारिक समस्याओं पर चर्चा की। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से इन दिक्कतों का समयबद्ध समाधान करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि नए सिस्टम पर स्थानांतरण की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिससे आम लोगों को सेवाएं लेने में बाधा न आए और सरकारी योजनाओं का लाभ पहले की तरह जारी रहे।
2.08 करोड़ परिवार और 8.09 करोड़ सदस्य जन आधार से जुड़े
बैठक में शासन सचिव आयोजना डॉ. रवि कुमार सुरपुर ने बताया कि राजस्थान में अब तक 2.08 करोड़ से अधिक परिवार और 8.09 करोड़ से अधिक सदस्य जन आधार से जुड़ चुके हैं। यह संख्या प्रदेश की अनुमानित आबादी का 96 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने बताया कि जन आधार के माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत अब तक 242 करोड़ से अधिक डीबीटी ट्रांजैक्शन किए जा चुके हैं। इसके अलावा 1.63 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा चुकी है।
जन आधार से संबंधित शिकायतों के निस्तारण की औसत अवधि सात दिन है। विभाग के अनुसार, शिकायतों के समाधान को लेकर संतुष्टि का स्तर 91 प्रतिशत है। मुख्य सचिव ने 181 पर शिकायतों के निस्तारण से जुड़ी विभागीय प्रगति पर संतोष जताया। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि राज्य सरकार डेटा आधारित सुशासन को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। जन आधार की तकनीकी व्यवस्था को सुदृढ़ करने, बेहतर निगरानी और शिकायतों का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने से सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से पात्र लोगों तक पहुंचाया जा सकेगा। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
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