Breaking News
Mahendragarh News: कठिन परिस्थितियों और शारीरिक चुनौतियों के बावजूद दृढ़ इच्छाशक्ति से सफलता संभव है- शर्मिला धनखड़Narnaul News: नशे के अवैध कारोबार पर महेंद्रगढ़ पुलिस का शिकंजा, हेरोइन बरामदगी मामले में खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क की कड़ियां जोड़ते हुए सीआईए ने दो और आरोपी किए गिरफ्तारNarnaul News: डीसी अनुपमा अंजली की यूनियन पदाधिकारियों से वार्ता के बाद आवश्यक सेवाओं की बिजली सप्लाई बहाली पर सहमतिRashifal 24 October: कैसा रहेगा 24 अक्टूबर का दिन, जानें व्यापार और नौकरी का पूरा हाल,  पढ़ें सटीक राशिफलLongest Train Journey: जानिए विवेक एक्सप्रेस की कहानी, क्यों इस ट्रेन का सफर माना जाता है भारत दर्शन का सबसे बेहतरीन जरियाMahendragarh News: कठिन परिस्थितियों और शारीरिक चुनौतियों के बावजूद दृढ़ इच्छाशक्ति से सफलता संभव है- शर्मिला धनखड़Narnaul News: नशे के अवैध कारोबार पर महेंद्रगढ़ पुलिस का शिकंजा, हेरोइन बरामदगी मामले में खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क की कड़ियां जोड़ते हुए सीआईए ने दो और आरोपी किए गिरफ्तारNarnaul News: डीसी अनुपमा अंजली की यूनियन पदाधिकारियों से वार्ता के बाद आवश्यक सेवाओं की बिजली सप्लाई बहाली पर सहमतिRashifal 24 October: कैसा रहेगा 24 अक्टूबर का दिन, जानें व्यापार और नौकरी का पूरा हाल,  पढ़ें सटीक राशिफलLongest Train Journey: जानिए विवेक एक्सप्रेस की कहानी, क्यों इस ट्रेन का सफर माना जाता है भारत दर्शन का सबसे बेहतरीन जरिया

Interesting News: नॉर्वे का अनोखा शहर, जहां सड़कों के नाम नहीं सिर्फ नंबर हैं, पूरे शहर में बस एक किराना स्टोर

Interesting News: नॉर्वे का अनोखा शहर, जहां सड़कों के नाम नहीं सिर्फ नंबर हैं, पूरे शहर में बस एक किराना स्टोर

नॉर्वे का अनोखा शहर, जहां सड़कों के नाम नहीं सिर्फ नंबर हैं, पूरे शहर में बस एक किराना स्टोर

AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION
AAmandeep Singh

Interesting News: सोचिए, अगर आप किसी ऐसे शहर में कदम रखें जहां किसी सड़क का नाम ही न हो और पता बताने के लिए सिर्फ नंबरों का सहारा लिया जाता हो। इतना ही नहीं, पूरे शहर में जरूरत का सामान खरीदने के लिए महज एक मुख्य किराना दुकान हो और चारों तरफ फैले हों बर्फ से ढके विशाल पहाड़। किसी फिल्मी दुनिया सी लगने वाली यह जगह कोई काल्पनिक शहर नहीं, बल्कि नॉर्वे के आर्कटिक क्षेत्र में बसा ‘लॉन्गईयरबिएन’ (Longyearbyen) है।

78 डिग्री उत्तरी अक्षांश पर स्थित स्वालबार्ड द्वीपसमूह का यह शहर दुनिया की सबसे उत्तरी स्थायी इंसानी बस्तियों में से एक गिना जाता है। वर्ष 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, लॉन्गईयरबिएन और इसके पास स्थित न्य-ऑलेसुंड में कुल 2,512 लोग निवास करते हैं।

विज्ञापन

नंबरों से होती है रास्तों की पहचान

लॉन्गईयरबिएन की सबसे दिलचस्प बात यहां का एड्रेस सिस्टम है। आम शहरों की तरह यहां की गलियों या सड़कों के रोमांटिक या ऐतिहासिक नाम नहीं रखे गए हैं, बल्कि उन्हें साधारण नंबर दिए गए हैं।

यदि किसी को अपना पता बताना हो तो वह सड़क के नंबर का इस्तेमाल करता है। यह अनोखी व्यवस्था इस जगह के पुराने कोयला खनन इतिहास की याद दिलाती है, जब मजदूरों और इंजीनियरों की सहूलियत के लिए रास्तों को नंबरों में बांटा गया था।

‘Svalbardbutikken’: पूरे शहर की इकलौती जीवनरेखा

यहां की रोजमर्रा की जिंदगी किस कदर अनोखी है, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि पूरे शहर में ‘Svalbardbutikken’ नाम का केवल एक ही मुख्य किराना स्टोर (सुपरमार्केट) है।

चाहे स्थानीय नागरिक हों या दूर-दराज से आने वाले शोधकर्ता और पर्यटक, हर किसी को ताजे फल-सब्जियों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स और राशन तक के लिए इसी एक छत के नीचे आना पड़ता है। यह दुकान केवल खरीदारी का जरिया नहीं, बल्कि शहर के लोगों के आपस में मिलने-जुलने का एक प्रमुख केंद्र भी है।

ध्रुवीय रातों का सन्नाटा और जगमगाती इंसानी जिजीविषा

यह इलाका अपनी बेहद सख्त और कठोर जलवायु के लिए दुनिया भर में मशहूर है। सर्दियों के मौसम में यहां महीनों तक सूरज की एक किरण भी नहीं दिखाई देती और पूरा शहर ध्रुवीय रात (Polar Night) के अंधेरे में डूबा रहता है। वहीं, गर्मियों में महीनों तक रात ही नहीं होती और सूरज क्षितिज पर बना रहता है।

हालांकि, सिर्फ शून्य से नीचे का तापमान और सन्नाटा ही इस शहर की पहचान नहीं है। इस बेहद अलग थलग दुनिया में भी जीवन की सभी आधुनिक सहूलियतें मौजूद हैं। शहर में एक बेहतरीन स्कूल, अस्पताल, यूनिवर्सिटी, रिसर्च सेंटर, होटल, सांस्कृतिक केंद्र और रेस्तरां मौजूद हैं।

माइनस तापमान और बर्फीली हवाओं के बीच फली-फूली यह छोटी लेकिन बेहद एकजुट कम्युनिटी ही लॉन्गईयरबिएन को दुनिया के बाकी सभी शहरों से बिल्कुल अलग और खास बनाती है।

यह भी पढ़ें– Train Stunt Viral: चलती ट्रेन में रील बनाना पड़ा भारी, खंभे से टकराकर नीचे गिरा युवक

ख़बर पसंद आई? शेयर करें
विज्ञापन

ट्रेंडिंग की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।