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IRCTC Connecting Journey Refund: पहली ट्रेन लेट होने से छूटी दूसरी गाड़ी? रेलवे देगा पूरा रिफंड, बस तुरंत करें यह काम

IRCTC Connecting Journey Refund: पहली ट्रेन लेट होने से छूटी दूसरी गाड़ी? रेलवे देगा पूरा रिफंड, बस तुरंत करें यह काम

पहली ट्रेन लेट होने से छूटी दूसरी गाड़ी? रेलवे देगा पूरा रिफंड

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GGaganpreet Kaur

IRCTC Connecting Journey Refund: भारत में रेल सफर को आम आदमी की लाइफलाइन माना जाता है। किफायती और आरामदायक होने के बावजूद अक्सर ट्रेनों का लेट होना यात्रियों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर देता है। सबसे ज्यादा परेशानी उन मुसाफिरों को झेलनी पड़ती है, जिन्हें एक स्टेशन पर उतरकर आगे के सफर के लिए दूसरी कनेक्टिंग ट्रेन पकड़नी होती है। पहली ट्रेन की लेट-लतीफी के कारण अगर अगली ट्रेन मिस हो जाए, तो जेब पर तगड़ी चपत लगती है। आम तौर पर लोग मान लेते हैं कि यह पैसा डूब गया, लेकिन भारतीय रेलवे (Indian Railways) का एक खास नियम आपको पाई-पाई वापस दिला सकता है। आईआरसीटीसी ने इसके लिए दोनों यात्राओं के पीएनआर (PNR) को आपस में जोड़ने की बेहद सुगम व्यवस्था की है।

बेहद काम का है ‘कनेक्टिंग जर्नी बुकिंग’ का यह नियम

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रेलवे के इस नियम के मुताबिक, यदि आप एक ही गंतव्य तक पहुंचने के लिए दो अलग-अलग ट्रेनों का सहारा ले रहे हैं, तो आप बुकिंग के वक्त ही इन्हें आपस में लिंक कर सकते हैं। इसके लिए दूसरी ट्रेन का टिकट लेते समय ‘Trains’ मेनू में जाकर ‘Connecting Journey Booking’ का विकल्प चुनना होता है। वहां पहली ट्रेन का पीएनआर नंबर डालते ही दोनों यात्राएं एक ही कड़ियों में जुड़ जाती हैं। इसके बाद अगर पहली ट्रेन की रीशेड्यूलिंग या देरी की वजह से दूसरी ट्रेन छूटती है, तो रेलवे इसकी पूरी जवाबदेही लेता है और यात्री को पूरा पैसा वापस मिलता है।

रूट और समय को लेकर रेलवे की कुछ कड़ी शर्तें

इस रिफंड पॉलिसी का लाभ उठाने के लिए रेलवे ने कुछ बुनियादी और तकनीकी शर्तें तय की हैं, जिन्हें पूरा करना हर यात्री के लिए जरूरी है।

स्टेशन का मिलान: पहली ट्रेन का जो आखिरी पड़ाव (डेस्टिनेशन स्टेशन) है, वही आपकी दूसरी ट्रेन का शुरुआती स्टेशन (बोर्डिंग स्टेशन) होना चाहिए। तकनीकी रूप से जुड़े हुए पास के स्टेशनों को भी इसमें शामिल किया गया है।

समय का फासला: दोनों ट्रेनों के तय शेड्यूल के बीच कम से कम 20 मिनट का गैप होना चाहिए, जबकि यह अंतर अधिकतम 5 दिनों से ज्यादा का नहीं हो सकता।

चूक गए 3 घंटे की डेडलाइन, तो हाथ से निकल जाएगा रिफंड

अगर बदकिस्मती से आपकी कनेक्टिंग ट्रेन छूट चुकी है, तो रिफंड के लिए आपको बिना वक्त गंवाए तुरंत एक्शन मोड में आना होगा। रेलवे के नियम के अनुसार, पहली ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचने के ठीक 3 घंटे के भीतर ही आपको टीडीआर (Ticket Deposit Receipt) फाइल करना होगा। यदि आप इस तय समय सीमा को पार कर जाते हैं, तो आपका आवेदन स्वतः खारिज हो जाएगा और रिफंड की पात्रता खत्म हो जाएगी।

ऑनलाइन TDR फाइल करने का आसान तरीका

यात्री घर बैठे आईआरसीटीसी (IRCTC) की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए आसानी से टीडीआर भर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले अपने अकाउंट में लॉग-इन करें और ‘My Transaction’ सेक्शन के भीतर ‘File TDR’ के विकल्प पर जाएं। वहां संबंधित टिकट का पीएनआर दर्ज करने के बाद रिफंड का सही कारण ‘Main Train Late and Connecting Train Missed’ को चुनना होगा। रेलवे द्वारा आपकी ट्रेनों के समय का मिलान और सत्यापन करने के बाद रिफंड की राशि सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।

इन टिकटों पर लागू नहीं होगी रिफंड पॉलिसी

इस राहत के बीच यात्रियों को यह भी ध्यान रखना होगा कि रेलवे की यह सुविधा कुछ चुनिंदा कैटगरी पर ही काम करती है। यह नियम सिर्फ सामान्य आरक्षित टिकटों (कन्फर्म और आरएसी) के लिए ही वैध है। अगर आपने दूसरी ट्रेन का टिकट तत्काल कोटे के तहत लिया है या आपका टिकट वेटिंग लिस्ट में रह गया है, तो ट्रेन छूटने पर फूटी कौड़ी भी वापस नहीं मिलेगी। इसके अलावा, यदि आपने सामान्य तरीके से दो अलग-अलग टिकट बुक किए हैं और उन्हें ‘कनेक्टिंग जर्नी’ के तहत लिंक करना भूल गए हैं, तो भी रेलवे रिफंड का दावा स्वीकार नहीं करेगा।

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