Karnal News: करनाल जिले के गढ़ी बीरबल-लबकरी मार्ग पर बीती रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक लक्जरी रेंज रोवर कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बनी गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के वक्त कार में गढ़ी बीरबल के सरपंच प्रतिनिधि प्रिंस सवार थे। वे बीती रात अपनी गाड़ी से गांव गढ़ी बीरबल की तरफ लौट रहे थे।
जैसे ही उनकी गाड़ी लबकरी मोड़ के पास पहुंची, सामने से एक बड़ा ट्रक आता दिखाई दिया। संकरे मार्ग पर ट्रक को सुरक्षित रास्ता देने के इरादे से प्रिंस ने अपनी रेंज रोवर को सड़क के बिल्कुल किनारे किया, लेकिन उन्हें इस बात का जरा भी अहसास नहीं था कि सड़क खत्म होते ही मौत का गड्ढा उनका इंतजार कर रहा है।
खुली खिड़की और ग्रामीणों की मुस्तैदी से बची जान
सड़क किनारे गाड़ी उतरते ही वह लबालब पानी से भरी गहरी खाई में हिचकोले खाते हुए डूबने लगी। गनीमत यह रही कि हादसे के वक्त कार की खिड़की का शीशा खुला हुआ था। कार को पानी में समाते देख आसपास मौजूद ग्रामीणों और वहां से गुजर रहे राहगीरों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत मौके की ओर दौड़ लगा दी। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए खुली खिड़की के जरिए प्रिंस को बमुश्किल बाहर खींच निकाला। अगर मदद में कुछ मिनटों की भी देरी हो जाती या गाड़ी के शीशे बंद होते, तो पानी के भारी दबाव के बीच यह हादसा जानलेवा साबित हो सकता था।
कई सालों से मौत को दावत दे रही है खाई, सड़क का अंदाजा लगाना मुश्किल
इस घटना के बाद से ही इलाके के ग्रामीणों में स्थानीय प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के खिलाफ गहरा गुस्सा देखा जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के साथ लगती इस खाई में पिछले कई सालों से गंदा पानी भरा पड़ा है। लंबे समय से रखरखाव न होने के कारण सड़क और खाई का जलस्तर लगभग एक समान नजर आता है।
दिन के उजाले में तो फिर भी स्थिति संभल जाती है, लेकिन रात के अंधेरे में वाहन चालकों के लिए यह पहचानना नामुमकिन हो जाता है कि पक्की सड़क कहां खत्म हो रही है और खाई कहां से शुरू हो रही है। ऐसे में सामने से किसी भारी वाहन के आने पर बगल से निकलना सीधे-सीधे जोखिम मोल लेने जैसा है।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के चक्कर काटकर थके गांव वाले, अब तक नहीं हुई सुनवाई
गांव के लोगों ने नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि वे इस खस्ताहाल सड़क और जानलेवा खाई की मरम्मत को लेकर दर्जनों बार प्रशासनिक अधिकारियों के दरवाजे खटखटा चुके हैं। इतना ही नहीं, क्षेत्र के विधायक से भी मिलकर कई बार इस समस्या के स्थायी समाधान की गुहार लगाई गई, लेकिन हर बार सिवाय आश्वासनों के कुछ हाथ नहीं लगा।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि वक्त रहते इस मोड़ को चौड़ा किया जाता और खाई की घेराबंदी या भराव कराया जाता, तो यह हादसा होता ही नहीं। आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि प्रशासन जल्द से जल्द लबकरी मोड़ की मरम्मत कराए, ताकि भविष्य में किसी मासूम को अपनी जान न गंवानी पड़े।

