Jalandhar Crime : जालंधर पुलिस ने 5 किलो हेरोइन और डेढ़ लाख रुपए ड्रग मनी सहित दो तस्कर दबोचे

जालंधर पुलिस ने 5 किलो हेरोइन और डेढ़ लाख रुपए ड्रग मनी सहित दो तस्कर दबोचे
Jalandhar Crime : पंजाब में नशे के काले कारोबार पर नकेल कसने के लिए जालंधर कमिश्नरेट पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। शहर को नशे के मुहाने पर धकेलने की फिराक में घूम रहे दो शातिर तस्करों को पुलिस ने भारी-भरकम खेप के साथ धर दबोचा है। पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने 5 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता की हेरोइन और 1.50 लाख रुपए की संदिग्ध ड्रग मनी बरामद की है। इस सनसनीखेज कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है और मामले से जुड़े तमाम पहलुओं पर गहराई से छानबीन शुरू कर दी गई है।
गुप्त सूचना पर बिछाया गया था जाल
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सीआईए स्टाफ की टीम को पुख्ता इनपुट मिले थे कि कुछ तस्कर बाहरी इलाके से भारी मात्रा में नशा लेकर जालंधर शहर में घुसने वाले हैं। इनपुट मिलते ही पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह के दिशा-निर्देशों पर विशेष टीमों को एक्टिव किया गया और शहर के संभावित रास्तों पर कड़ा पहरा बैठा दिया गया। जैसे ही दोनों संदिग्ध युवक पुलिस के राडार पर आए, उन्हें घेरकर दबोच लिया गया। तलाशी ली गई तो उनके पास से यह भारी खेप बरामद हुई।
फिल्लौर के रहने वाले हैं दोनों आरोपी
पकड़े गए दोनों तस्करों की पहचान दिलप्रीत सिंह और कमलदीप सिंह के रूप में हुई है, जो कि फिल्लौर के रहने वाले बताए जा रहे हैं। शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि ये दोनों किसी बड़े सिंडिकेट के इशारे पर शहर के भीतर अलग-अलग जगहों पर नशे की सप्लाई देने जा रहे थे, लेकिन पुलिस की समय रहते की गई कार्रवाई ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
थाना कैंट में एनडीपीएस एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस पूरे मामले का खुलासा करने और इस इंटरनेशनल या इंटर-स्टेट नेक्सस की जड़ों तक पहुंचने के लिए पुलिस कमिश्नर जल्द ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया के सामने विस्तृत ब्योरा रखेंगे।
रिमांड पर लेकर खंगाले जाएंगे पिछले तार
पुलिस अब दोनों आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश करेगी, जहां से उन्हें रिमांड पर लेने की मांग की जाएगी। रिमांड के दौरान पुलिस यह उगवाने की कोशिश करेगी कि यह हेरोइन की खेप उन्हें कहां से और किसने सौंपी थी, तथा जालंधर और आसपास के इलाकों में उनके कौन-कौन से स्थानीय खरीदार और मददगार सक्रिय हैं। खाकी का शिकंजा अब इस रैकेट से जुड़े हर एक चेहरे पर कसने की तैयारी में है।
