Jharkhand JPSC Protest: छात्रों ने सरकार से वार्ता पर जताई सहमति, बोले-मुख्यमंत्री मीडिया के सामने करें बातचीत
छात्रों ने सरकार से वार्ता पर जताई सहमति
Jharkhand JPSC Protest: झारखंड में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर रांची में जारी छात्र आंदोलन अब अहम दौर में पहुंच गया है। राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 13 दिनों से धरने पर बैठे छात्रों ने सरकार से बातचीत की सहमति तो दी है, लेकिन साफ कहा है कि बातचीत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं करें और पूरी प्रक्रिया मीडिया की मौजूदगी में हो।
छात्रों का कहना है कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कम से कम दो मीडिया प्रतिनिधि बैठक में शामिल होने चाहिए। इसी बीच परीक्षा गड़बड़ी की जांच कर रही सीआईडी ने बुधवार देर रात पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही इस मामले में अब तक कुल 19 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच एजेंसियां भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
सरकार से वार्ता के लिए छात्रों ने रखीं शर्तें – Jharkhand JPSC Protest
छात्र नेता रविंद्र पासवान ने बताया कि बुधवार को सरकार का प्रस्ताव लेकर पहुंचे एसडीओ ने छात्र प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के नाम मांगे हैं। इसके बाद वार्ता की तारीख और समय तय किया जाएगा। (Jharkhand JPSC Protest)हालांकि छात्रों का आरोप है कि सरकार केवल पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बुलाकर आंदोलन की व्यापकता को सीमित करना चाहती है। उनका कहना है कि बातचीत पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए ताकि किसी प्रकार की गलतफहमी की गुंजाइश न रहे।
13वें दिन भी जारी धरना, छह छात्र अनशन पर – Jharkhand JPSC Protest
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का धरना लगातार 13वें दिन भी जारी रहा। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो समेत छह छात्र अनशन पर बैठे हैं।प्रदर्शनकारी भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच केंद्रीय एजेंसियों सीबीआई और ईडी से कराने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच से ही उम्मीदवारों का भरोसा बहाल हो सकेगा।उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी अनियमितताओं की पुनरावृत्ति न हो।
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JPSC परीक्षा विवाद कैसे शुरू हुआ- Jharkhand JPSC Protest
2 जुलाई को झारखंड लोक सेवा आयोग ने 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित किया था। इसमें 2,204 अभ्यर्थियों का चयन मुख्य परीक्षा के लिए किया गया और 18 से 20 जुलाई के बीच मुख्य परीक्षा प्रस्तावित थी। परिणाम जारी होने के बाद कई अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए। (Jharkhand JPSC Protest)उनका आरोप था कि आयोग ने कट-ऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किए। इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक अभ्यर्थी की कथित ओएमआर शीट वायरल हुई, जिसमें दावा किया गया कि उसने केवल 48 प्रश्न हल किए थे, फिर भी उसका चयन मुख्य परीक्षा के लिए हो गया।
सरकार ने चार मंत्रियों की बनाई समिति
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन(Hemant Soren) ने छात्रों से संवाद के लिए चार सदस्यीय मंत्रिस्तरीय समिति गठित की है। इसमें उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, कल्याण मंत्री चमरा लिंडा और उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव को शामिल किया गया है। बुधवार को मुख्यमंत्री ने अपने आवास पर इन मंत्रियों के साथ बैठक कर आंदोलन की स्थिति पर चर्चा की। इसके बाद छात्र नेताओं को वार्ता का निमंत्रण भेजा गया, लेकिन बैठक की प्रक्रिया और स्वरूप पर सहमति नहीं बन सकी।
अनशन पर बैठे छात्र नेता से सोनम वांगचुक ने की बात- Jharkhand JPSC Protest
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने 2 अगस्त से अन्न और जल का त्याग कर रखा था। (Jharkhand JPSC Protest)सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल के जरिए उनसे बातचीत की और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपील की। उनकी अपील के बाद देवेंद्र नाथ महतो ने पानी पी लिया, लेकिन स्पष्ट किया कि उनकी मांगें पूरी होने तक उनका अनशन जारी रहेगा।
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