Jivan Kundu Murder Case: CM नायब सैनी से वार्ता के बाद मानीं सभी मांगें, 14 दिन बाद होगा दाह संस्कार

CM नायब सैनी से वार्ता के बाद मानीं सभी मांगें, 14 दिन बाद होगा दाह संस्कार
Jivan Kundu Murder Case: हिसार जिले के बहुचर्चित जीवन कुंडू हत्याकांड में पिछले दो हफ़्तों से चला आ रहा गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया है। महापंचायत के कड़े रुख के बाद सरकार हरकत में आई और चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ हुई उच्चस्तरीय वार्ता में न्याय संघर्ष समिति की सभी प्रमुख मांगें मान ली गईं।
सरकार से लिखित व मौखिक आश्वासन मिलने के बाद, जीवन का परिवार 14 दिन बाद सोमवार को अपने पैतृक गांव किनाला में अंतिम संस्कार करने के लिए सहमत हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश महामंत्री सुरेंद्र पूनिया ने इस पूरे मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभाई, जिसके बाद समिति के प्रतिनिधिमंडल ने चंडीगढ़ पहुंचकर मुख्यमंत्री से मुलाकात की।
समिति के सदस्य और पूर्व सरपंच रवि कुंडू ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मुख्य आरोपी रमेश अत्री की जल्द से जल्द गिरफ्तारी का ठोस भरोसा दिया है। इसके अलावा 15 अगस्त को हांसी में प्रदर्शनकारियों पर दर्ज किए गए सभी मुकदमों को रद्द करने, जब्त किए गए ट्रैक्टर और अन्य वाहनों को बिना शर्त लौटाने और पीड़ित परिवार को हर संभव आर्थिक व प्रशासनिक मदद देने पर भी पूरी सहमति बनी है।
महापंचायत का अल्टीमेटम: बात न बनती तो ठप हो जाते हरियाणा के 3 मुख्य हाईवे
इससे पहले किनाला गांव में हुई महापंचायत में संघर्ष समिति और ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाया था। समिति ने साफ शब्दों में चेतावनी दी थी कि अगर चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री के साथ होने वाली यह बैठक बेनतीजा रहती है, तो 18 अगस्त से हिसार-दिल्ली, हिसार-सिरसा और हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा।
हाईवे जाम के अल्टीमेटम और खाप पंचायतों के बढ़ते दबाव को देखते हुए राज्य सरकार ने तुरंत पहल की। बीजेपी नेता सुरेंद्र पूनिया की अगुवाई में कमेटी के सदस्य चंडीगढ़ पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संवेदना व्यक्त करते हुए परिवार की हर मांग को स्वीकार कर लिया।
15 अगस्त को हांसी में हुआ था भारी बवाल, एसपी समेत कई जवान हुए थे घायल
गौरतलब है कि स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के मौके पर हांसी के नेहरू कॉलेज में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का जिला स्तरीय ध्वजारोहण कार्यक्रम प्रस्तावित था। सुबह करीब 6:40 बजे सिसाये पुल नाके पर 150 से 200 लोगों की भीड़ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ मुख्यमंत्री का घेराव करने और कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ने लगी।
पुलिस एफआईआर के अनुसार, ड्यूटी मजिस्ट्रेट उदयवीर झाझड़िया, डीएसपी रविंद्र सांगवान और थाना प्रभारी ने भीड़ को रोकने और समझाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी उग्र हो गए। उपद्रवियों ने बैरिकेड्स तोड़ दिए और पुलिसकर्मियों पर जान से मारने की नीयत से ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की।
स्थिति को नियंत्रण से बाहर होता देख ड्यूटी मजिस्ट्रेट के आदेश पर पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धाराओं के तहत लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा। इस हिंसक झड़प के दौरान हांसी के एसपी विनोद कुमार खुद मौके पर पहुंचे। पथराव और उपद्रव में एसपी समेत कई पुलिस जवान घायल हो गए थे, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर बलवा और जानलेवा हमले की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था।
