Kaithal ACB raid: हरियाणा के कैथल नगर परिषद में टेंडर प्रक्रिया के नाम पर चल रहे भ्रष्टाचार की परतें एक-एक करके उधड़ने लगी हैं। चालीस लाख रुपये के विकास कार्यों का कार्य आदेश (वर्क ऑर्डर) जारी करने के बदले रिश्वत मांगने के इस बहुचर्चित मामले में फरार चल रहे म्यूनिसिपल इंजीनियर (एमई) वरुण शर्मा के कार्यालय से कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच के दौरान पता चला है कि एमई के कमरे में लगा सीसीटीवी कैमरा बंद था। नगर परिषद की पूरी इमारत में लगे कैमरों की लाइव फीड ईओ दफ्तर में लगी मुख्य एलईडी पर मॉनिटर की जाती है, लेकिन एमई के कमरे की स्क्रीन हमेशा ब्लैक यानी बंद रहती थी, जिसके पीछे कैमरे की तार जानबूझकर हटाए जाने की बात सामने आ रही है।
गाड़ी और चाय के खोखे पर तय होते थे सौदे
मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ ही नगर परिषद के भीतर से भी कई अंदरूनी राज बाहर आने लगे हैं। नाम गुप्त रखने की शर्त पर कुछ कर्मचारियों ने बताया कि एमई वरुण शर्मा कभी भी खुलकर अपने दफ्तर के भीतर पैसों का लेन-देन नहीं करता था। इसके लिए उसने शहर के भीतर तीन सुरक्षित ठिकाने चुन रखे थे। पहला ठिकाना नगर परिषद भवन के साथ लगती खाली पड़ी जमीन पर खड़ी गाड़ी थी, जहां बैठकर लोगों से सौदेबाजी की जाती थी। इसके अलावा पटवार भवन के नजदीक स्थित चाय का खोखा और सेक्टर-20 में डीएमसी कार्यालय के सामने वाली मार्केट को बिचौलियों के जरिए वसूली के लिए इस्तेमाल किया जाता था। फिलहाल एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीमें इन तमाम ठिकानों और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं, लेकिन आरोपी अधिकारी अभी तक पकड़ से बाहर है।
स्वीपर की गिरफ्तारी से खुला था घूसखोरी का राज
इस पूरे खेल का पर्दाफाश 21 अक्टूबर को तब हुआ था, जब एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने नगर परिषद के ऑपरेटर-कम-स्वीपर संजय को 18 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया था। अदालत इस आरोपी को पहले ही 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है। ठेकेदार की शिकायत के मुताबिक, 40 लाख रुपये के टेंडर का वर्क ऑर्डर पास करने के एवज में एक प्रतिशत यानी 40 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार स्वीपर ने साफ कर दिया था कि वह यह रकम अपने दम पर नहीं, बल्कि एमई वरुण शर्मा के निर्देश पर ले रहा था।
प्रशासनिक स्तर पर होगी सख्त कार्रवाई
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कैथल एंटी करप्शन ब्यूरो के इंचार्ज सूबे सिंह ने स्पष्ट किया है कि आरोपी एमई को दबोचने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही उसे कानून के शिकंजे में लाया जाएगा। वहीं, इस मामले पर जिला नगर आयुक्त (DMC) कपिल शर्मा ने कहा कि एमई के कमरे का सीसीटीवी कैमरा बंद रहने और उसकी तार हटाए जाने का मामला उनके संज्ञान में अब आया है। इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कराई जाएगी कि यह लापरवाही कितने समय से चल रही थी और इसके पीछे असल मकसद क्या था। जांच के बाद दोषी पाए जाने पर विभागीय स्तर पर भी कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
यह भी पढ़ें– मौसम विभाग का अलर्ट, हरियाणा में 28 से 31 अक्टूबर तक बारिश और तेज हवाओं के आसार

