Kaithal Bullet Silencer Action: सड़कों पर मॉडिफाइड साइलेंसर के जरिए दहशत फैलाने वाले बाइक चालकों के खिलाफ कैथल पुलिस का चाबुक चलना शुरू हो गया है। शहर की शांत आवो-हवा को शोर में बदलने वाले बुलेट चालकों पर नकेल कसते हुए पुलिस ने बीते एक महीने में विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान यातायात नियमों की धज्जियां उड़ा रहे 48 बुलेट सवारों के भारी-भरकम चालान काटे गए। कार्रवाई यहीं नहीं रुकी, पुलिस की टीमों ने कई वाहनों को जब्त करने के साथ-साथ बाइक से निकाले गए अवैध साइलेंसरों को भी नष्ट करवा दिया।
कॉलोनियों में दहशत का सबब बनीं तेज आवाजें, दुर्घटनाओं का भी बना रहता है खतरा
अक्सर देखा जा रहा था कि शहर की अंदरूनी गलियों, मुख्य बाजारों और कस्बों की कॉलोनियों से गुजरते वक्त कुछ युवा अपनी बुलेट बाइक से तेज पटाखों जैसी आवाज निकालते हैं। ट्रैफिक डीएसपी रमेश चंद्र ने बताया कि इस तरह की हरकतों से खासकर महिलाओं, स्कूल-कॉलेज जाने वाली छात्राओं और बुजुर्गों में अचानक घबराहट और भय का माहौल बन जाता है। इतना ही नहीं, सड़क पर अचानक होने वाले इस धमाकेनुमा शोर से आसपास चल रहे अन्य वाहन चालकों का संतुलन बिगड़ने और गंभीर हादसे होने की आशंका बनी रहती है।
चालान काटना मकसद नहीं, सुरक्षा प्राथमिकता; डीएसपी ने की वाहन चालकों से अपील
डीएसपी रमेश चंद्र ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस की इस कार्रवाई का मकसद महज चालान काटकर जुर्माना वसूलना नहीं है, बल्कि सड़कों को आमजन के लिए सुरक्षित बनाना है। हादसों और जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए जिला पुलिस की यह मुहिम आगे भी इसी तरह जारी रहेगी। उन्होंने युवाओं और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी और दूसरों की सुरक्षा की खातिर वाहनों में किसी भी तरह का अवैध बदलाव (मॉडिफिकेशन) न करवाएं, वरना पुलिस आगे और सख्त कानूनी कदम उठाएगी।


