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Kaithal Youth Dies in USA: 7 साल पहले ‘डंकी’ रूट से अमेरिका गया था कैथल का युवक, फ्रिजनों में अचानक सांसें थमीं

Kaithal Youth Dies in USA: 7 साल पहले 'डंकी' रूट से अमेरिका गया था कैथल का युवक, फ्रिजनों में अचानक सांसें थमीं

7 साल पहले ‘डंकी’ रूट से अमेरिका गया था कैथल का युवक, फ्रिजनों में अचानक सांसें थमीं

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GGaganpreet Kaur

Kaithal Youth Dies in USA: कैथल जिले के छोटे से गांव प्योदा से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अमेरिका के कैलिफोर्निया में रह रहे करीब 35 वर्षीय भीम गिल की अचानक दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई है। परिवार की तंगहाली दूर करने और दो वक्त की बेहतर रोटी का इंतजाम करने के सपने के साथ वह सात साल पहले घर से निकला था, लेकिन किसे पता था कि परदेश की धरती से उसकी सिर्फ अर्थी ही लौट पाएगी। इस मनहूस खबर के मिलते ही प्योदा गांव और आसपास के इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई है। हर कोई इस दुखों के पहाड़ से टूटे परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहा है।

कैलिफोर्निया में चलाता था गाड़ी, अस्पताल ले जाने से पहले ही थम गईं सांसें

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परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, भीम गिल करीब सात साल पहले ‘डंकी’ के रास्ते अमेरिका पहुंचा था और फिलहाल कैलिफोर्निया के फ्रिजनों शहर में रहकर ट्रांसपोर्ट या गाड़ी चलाने का काम कर रहा था। बीते 27 अक्टूबर को अचानक उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। साथ रहने वाले कुछ साथियों ने उसे आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार उसकी मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट (हार्ट अटैक) बताया जा रहा है। अमेरिका में स्थानीय औपचारिकताएं और वहां मौजूद अन्य युवाओं की मदद से आज उसका पोस्टमॉर्टम पूरा करवा लिया गया है।

एक एकड़ जमीन गिरवी और रिश्तेदारों से कर्ज लेकर भेजा था अमेरिका

भीम के बड़े भाई सुखबीर सिंह ने भर्राई आवाज में बताया कि उनके छोटे भाई को अमेरिका भेजने के लिए परिवार को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा था। कर्ज और एजेंटों के जरिए उसे भेजने में कुल 40 से 45 लाख रुपये खर्च हुए थे। इतनी बड़ी रकम जुटाने के लिए परिवार ने साहूकारों और रिश्तेदारों से ब्याज पर पैसे उधार लिए थे, इसके अलावा परिवार की करीब एक एकड़ उपजाऊ जमीन भी गिरवी रखनी पड़ी थी। माता-पिता और भाई-बहनों को पूरी उम्मीद थी कि भीम वहां मेहनत करके परिवार के सिर पर चढ़ा कर्ज उतार देगा और घर के हालात सुधर जाएंगे, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था।

मौत से कुछ दिन पहले ही भाई को फोन पर जताई थी अनहोनी की आशंका

परिजनों ने रोते हुए बताया कि भीम शादीशुदा था और अपने पीछे पत्नी, एक मासूम बेटा, माता-पिता और भाई-बहनों को रोता हुआ छोड़ गया है। घर में बुजुर्ग माता-पिता खेती-किसानी से गुजर-बसर करते हैं। भाई सुखबीर ने बताया कि करीब एक महीना पहले भी भीम को हल्का हार्ट अटैक आया था। मौत से महज तीन-चार दिन पहले ही उसने घर पर फोन किया था और अपनी लगातार खराब होती सेहत का जिक्र करते हुए बड़े भाई से कहा था कि यदि उसके साथ कोई अनहोनी हो जाए, तो वह पूरे परिवार का ख्याल रखे।

शव भारत लाने के लिए कागजी कार्रवाई में जुटा परिवार

अमेरिका में सभी कानूनी और चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब परिवार और वहां मौजूद भारतीय युवाओं की कोशिश है कि भीम के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द दिल्ली लाया जा सके। इसके लिए जरूरी दस्तावेजों को पूरा किया जा रहा है। पीड़ित परिवार और गांव के लोगों ने भारत सरकार तथा प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगाई है कि इस मुश्किल घड़ी में उनकी मदद की जाए ताकि वे अपने बेटे का आखिरी बार मुंह देख सकें।

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