Kurukshetra Congress Protest: राजधानी दिल्ली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और कई वरिष्ठ विपक्षी सांसदों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की घटना की गूंज अब हरियाणा के राजनीतिक गलियारों में साफ सुनाई दे रही है।
इस घटनाक्रम से नाराज कुरुक्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं और पदाधिकारियों ने एक सुर में केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी नेताओं ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश के युवाओं, किसानों और आम नागरिकों के हक की लड़ाई लड़ रहे शीर्ष जनप्रतिनिधियों के साथ ऐसा दुर्व्यवहार लोकतांत्रिक मर्यादाओं की सरेआम धज्जियां उड़ाने जैसा है।
पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर घिरी सरकार
मामले को लेकर हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस की वरिष्ठ उपाध्यक्ष बिमला सरोहा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कंवरजीत प्रिंस, जिला सचिव अशोक शर्मा पिपली, ओमप्रकाश सरोहा और वरिष्ठ नेता वीरेंद्र रोहिला ने कुरुक्षेत्र में संयुक्त रूप से अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे लगातार संसद में देश के ज्वलंत मुद्दों को प्रखरता से उठा रहे हैं। संसद सत्र के दौरान कांग्रेस सांसद लगातार देश भर में गरमाए पेपर लीक मामले और ध्वस्त होती परीक्षा प्रणाली पर तत्काल विशेष चर्चा कराने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की जायज मांग कर रहे थे।
‘विपक्ष को दबाना तानाशाही की निशानी’
कांग्रेस पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य और करियर से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर संसद के भीतर जवाबदेही से लगातार भाग रही है। जब छात्रों और युवाओं के समर्थन में संसद की चौखट पर आवाज बुलंद की गई, तो सरकार ने जनभावनाओं को सुनने के बजाय पुलिस का इस्तेमाल कर सांसदों के साथ बदसलूकी की।
नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी को जिस तरह घसीटकर हिरासत में लिया गया, उसने देश के सामने तानाशाही की एक गलत नजीर पेश की है। कांग्रेसी नेताओं ने दोटूक कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत तानाशाही या दमनकारी नीतियों में नहीं, बल्कि संवाद, पारदर्शिता और जनता के प्रति जवाबदेही में होती है।
सड़क से संसद तक जारी रहेगा संघर्ष
कुरुक्षेत्र में हुंकार भरते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकारी तंत्र और पुलिसिया बल का इस्तेमाल करके जनता या विपक्ष की आवाज को ज्यादा दिनों तक दबाकर नहीं रखा जा सकता।
देश का नौजवान आज अपने अधिकारों और रोजगार के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर है और कांग्रेस पार्टी उनकी ढाल बनकर मजबूती से खड़ी है। नेताओं ने स्पष्ट किया कि चाहे केंद्र सरकार जितना भी प्रशासनिक दबाव बना ले, पार्टी देश के हर वर्ग, किसान और नौजवानों के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर संसद के पटल तक अपनी लड़ाई पूरी ताकत के साथ जारी रखेगी।
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