Kurukshetra News: सड़क हादसों की खबरें अक्सर मातम और दर्द की दास्तान छोड़ जाती हैं, लेकिन कुरुक्षेत्र-कैथल मार्ग पर शुक्रवार को हुआ एक हादसा कुदरत के किसी चमत्कार से कम नहीं रहा। यहां गांव मिर्जापुर के पास नरवाना ब्रांच नहर के पुल पर एक कार और स्प्लेंडर मोटरसाइकिल के बीच आमने-सामने की ऐसी जबरदस्त टक्कर हुई कि दोनों वाहन एक साथ हवा में उछलते हुए सीधे गहरी नहर में जा गिरे।
सूखी सड़क से अचानक पानी के तेज बहाव के बीच पहुंचे दोनों युवकों के लिए यह जिंदगी और मौत का वो फेरा था, जहां से सलामत लौट आना लगभग नामुमकिन था। मगर, राहगीरों की मुस्तैदी और खुद की सूझबूझ के दम पर दोनों युवकों को नई जिंदगी मिल गई है।
आँखों के आगे छाया अंधेरा और अनियंत्रित हो गई कार
घटनाक्रम के मुताबिक, यह हादसा उस समय हुआ जब 26 वर्षीय मनीष अपनी स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार होकर कुरुक्षेत्र से अपने गांव की तरफ लौट रहा था। मनीष पेशे से ट्रक ड्राइवर है।
वह जैसे ही नरवाना ब्रांच नहर के पुल पर पहुंचा, तभी सामने से आ रही एक तेज रफ्तार कार अचानक डगमगा गई। कार चला रहे 22 वर्षीय रोहित ने बाद में बताया कि पुल के समीप पहुंचते ही उसकी आंखों के आगे अचानक अंधेरा छा गया और उसे बेहोशी जैसी महसूस होने लगी। इससे पहले कि रोहित कार को संभाल पाता, गाड़ी सीधे मनीष की बाइक से जा टकराई। टक्कर के साथ ही दोनों वाहन पुल की दीवार को लांघते हुए सीधे नहर के ठंडे पानी में जा समाए।
एक तैरकर निकला, दूसरे के लिए फरिश्ता बने राहगीर
नहर में गिरने के बाद बाइक सवार मनीष ने हिम्मत नहीं हारी और वह पानी के थपेड़ों से लड़ते हुए खुद तैरकर सुरक्षित किनारे तक आ गया। दूसरी ओर, कार चालक रोहित पानी के भीतर ही कार में फंस गया था और गाड़ी धीरे-धीरे डूब रही थी। इस खौफनाक मंजर को देखकर सड़क से गुजर रहे राहगीर तुरंत अपनी गाड़ियों से उतरे और बिना वक्त गंवाए रोहित को बचाने के लिए नहर की तरफ बढ़े।
स्थानीय लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए रोहित को डूबती कार से बाहर खींचा और सुरक्षित किनारे तक ले आए। सूचना मिलते ही ज्योतिसर पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी (LNJP) अस्पताल भिजवाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को खतरे से बाहर बताया है।
तीन घंटे के रेस्क्यू के बाद हाइड्रा मशीन से निकली कार
हादसे के बाद नहर में डूबे वाहनों को निकालने के लिए पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। ज्योतिसर पुलिस चौकी प्रभारी नरेश कुमार ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय गोताखोर प्रगट सिंह की टीम को रेस्क्यू के लिए बुलाया गया।
गोताखोरों ने पानी में उतरकर कुछ ही देर में मोटरसाइकिल का तो पता लगा लिया, लेकिन गहरे पानी और तेज बहाव के कारण कार को ढूंढने में उनके पसीने छूट गए। आखिरकार, करीब 3 घंटे के कड़े परिश्रम और भारी-भरकम हाइड्रा मशीन की मदद से दोनों वाहनों को नहर से बाहर निकाला जा सका। पुलिस ने गाड़ियों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का भी यही कहना है कि गाड़ियों के परखच्चे उड़ने और नहर में गिरने के बावजूद दोनों युवाओं का सुरक्षित बच जाना किसी बड़े चमत्कार से कम नहीं है।
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