Bhiwani News: भिवानी जिले के लोहारू में बिजली कर्मचारियों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। संयुक्त साझा मोर्चा के बैनर तले तमाम यूनिटों के प्रधानों की अध्यक्षता में बिजली बोर्ड परिसर में एक बड़ा धरना-प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबा जी की और बिजली क्षेत्र में निजी कंपनियों की एंट्री पर गहरी चिंता जताई। वक्ताओं ने दो टूक शब्दों में मांग की कि सरकार गुरुग्राम में इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को दिए गए बिजली वितरण के लाइसेंस के फैसले को फौरन वापस ले।
निजीकरण से बढ़ेगी आम जनता की मुश्किलें
धरने को संबोधित करते हुए सब अर्बन यूनिट के प्रधान विकास शर्मा, एवीकेएसएच के प्रधान विकास जांगड़ा और एससी, बीसी, एसटी यूनियन के प्रधान नरेंद्र कालिया ने सरकार पर तीखे हमले किए। नेताओं का कहना था कि सरकार एक-एक करके शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोडवेज जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को निजी हाथों में सौंप रही है, जिसका सीधा नुकसान आम जनता को उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिजली क्षेत्र का भी पूरी तरह निजीकरण कर दिया गया, तो आने वाले समय में बिजली के रेट आसमान छूने लगेंगे। इससे जहां एक तरफ आम उपभोक्ताओं का बजट गड़बड़ा जाएगा, वहीं कृषि क्षेत्र में मिलने वाली सब्सिडी पर भी इसका बुरा असर पड़ेगा, जिससे अन्नदाता किसानों की मुश्किलें कई गुना बढ़ जाएंगी।
खाली पदों को भरने और व्यवस्था सुधारने की मांग
कर्मचारी नेताओं ने निगमों के अंदर व्याप्त प्रशासनिक कमियों पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि बिजली निगमों से लगातार कर्मचारी रिटायर हो रहे हैं, लेकिन उनकी जगह नए युवाओं की भर्ती करने के बजाय पदों को खाली छोड़ा जा रहा है। नतीजा यह है कि चंद कर्मचारियों पर ही पूरे विभाग का काम का दबाव आ गया है, जिससे कामकाज सुचारू रूप से चलाने में भारी परेशानी पेश आ रही है।
प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। लोहारू डीएसपी संजीव कुमार के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सत्यनारायण के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात रहा, ताकि शांति व्यवस्था पूरी तरह कायम रहे। इस विरोध प्रदर्शन में राकेश, सज्जन, दिलीप, संदीप, सुखवीर, सविता रानी और किरोड़ीमल समेत तमाम बिजली कर्मी मौजूद रहे।

