Namo Bharat Corridor NCR : दिल्ली-एनसीआर में रोजाना काम, कारोबार और अन्य जरूरतों के लिए सफर करने वाले लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा देने की तैयारी है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) गाजियाबाद-जेवर और नोएडा से फरीदाबाद होते हुए गुरुग्राम तक नमो भारत कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने में जुटा है। इन मार्गों पर परियोजनाएं आगे बढ़ने से एनसीआर के शहरों के बीच आवाजाही आसान हो सकती है और व्यस्त सड़कों पर वाहनों का दबाव घट सकता है।
दो नए कॉरिडोर पर तैयारी
फिलहाल दिल्ली से पानीपत होते हुए करनाल और दिल्ली से गुरुग्राम होते हुए बहरोड़ तक नमो भारत कॉरिडोर प्रस्तावित हैं। अब एनसीआरटीसी गाजियाबाद-जेवर और नोएडा-फरीदाबाद-गुरुग्राम मार्गों पर भी योजना आगे बढ़ा रहा है।
इन कॉरिडोर का उद्देश्य एनसीआर के अलग-अलग शहरों को तेज परिवहन सुविधा से जोड़ना है। इससे रोजाना नौकरी और कारोबार के लिए एक शहर से दूसरे शहर जाने वाले यात्रियों को फायदा मिल सकता है।
मेरठ कॉरिडोर पर 4.5 करोड़ से ज्यादा यात्रियों का सफर
एनसीआरटीसी के अनुसार, 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर अब तक 4.5 करोड़ से अधिक यात्रियों को परिवहन सुविधा मिली है। इस कॉरिडोर पर प्रतिदिन एक लाख से ज्यादा यात्री सफर करते हैं।
यह आंकड़ा क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था में नमो भारत की भूमिका को दर्शाता है। हालांकि, नए प्रस्तावित कॉरिडोर से कितने यात्रियों को लाभ मिलेगा और उनका निर्माण कब शुरू होगा, इसकी जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
2023 में शुरू हुई थी पहली सेवा
देश के पहले नमो भारत कॉरिडोर पर 20 अक्टूबर 2023 को साहिबाबाद से दुहाई डिपो के बीच सेवा शुरू हुई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सेवा का शुभारंभ किया था।
इसके बाद 22 फरवरी 2026 को 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर को देश को समर्पित किया गया। इस मार्ग के विस्तार से एनसीआर के यात्रियों को क्षेत्रीय परिवहन का एक और विकल्प मिला।
जाम से कैसे मिलेगी राहत?
दिल्ली-एनसीआर में रोजाना बड़ी संख्या में लोग निजी कार, दोपहिया वाहनों और बसों से सफर करते हैं। व्यस्त समय में सड़कों पर वाहनों की अधिक संख्या के कारण जाम लगता है और लोगों का यात्रा समय बढ़ जाता है।
नमो भारत जैसे तेज क्षेत्रीय परिवहन विकल्पों से यात्रियों को सड़क के बजाय रेल सेवा चुनने का अवसर मिलता है। यदि नए कॉरिडोर समय पर विकसित होते हैं और दूसरे परिवहन साधनों से उनका अच्छा संपर्क बनता है, तो सड़कों पर वाहनों का दबाव घटाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, जाम में कितनी कमी आएगी, यह परियोजनाओं के निर्माण, सेवा की आवृत्ति और यात्रियों की संख्या पर निर्भर करेगा। #NamoBharat #DelhiNCR #HaryanaNews

