गुरुग्राम (Gurugram Metro Project Delay)। ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना को जमीन पर उतारने की तैयारियों के बीच कई बाधाएं सामने आ रही हैं। हीरो होंडा चौक के पास हाईटेंशन बिजली लाइन शिफ्ट नहीं होने से काम प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा सेक्टर-10 के बिजली घर को दूसरी जगह स्थानांतरित करने, उमंग भारद्वाज चौक के पास पांच मकानों से जुड़े अदालत के मामले और सेक्टर-33 में प्रस्तावित मेट्रो डिपो के निर्माण में देरी भी परियोजना की रफ्तार पर असर डाल रही है।
गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) ने बिजली लाइन हटाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को पत्र लिखा था। हालांकि, विभागों के बीच सहमति बनने के बावजूद लाइन शिफ्टिंग का काम पूरा नहीं हो पाया है।
हाईटेंशन लाइन नहीं हटी
पिछले साल 22 दिसंबर को गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की अध्यक्षता में इस मामले पर बैठक हुई थी। इसमें जीएमआरएल, एनएचएआई और हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम (एचवीपीएनएल) के अधिकारी शामिल हुए थे।
बैठक में तय हुआ था कि हीरो होंडा चौक के पास हाईटेंशन बिजली लाइन हटाई जाएगी। इसकी जिम्मेदारी एनएचएआई को दी गई थी, जबकि लाइन शिफ्ट करने का खर्च जीएमडीए को उठाना था।
पत्राचार के बाद भी काम अटका
जीएमआरएल ने 30 अप्रैल को एनएचएआई को पत्र लिखकर हाईटेंशन लाइन हटाने की मांग की थी। इसके बाद 16 जुलाई को अधिकारियों की एक और बैठक हुई, जिसमें 31 अक्टूबर तक लाइन शिफ्ट करने का आश्वासन दिया गया था।
हालांकि, तय समयसीमा नजदीक आने के बावजूद काम पूरा नहीं हुआ। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एचवीपीएनएल ने लाइन शिफ्ट करने का एस्टीमेट तैयार कर एनएचएआई को भेजा था, लेकिन 18 सितंबर को एनएचएआई ने पत्र भेजकर यह काम करने से मना कर दिया। इससे लाइन हटाने की प्रक्रिया और उलझ गई है।
सेक्टर-10 का बिजली घर भी बाधा
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के रास्ते में एक और चुनौती सेक्टर-10 स्थित एचवीपीएनएल का बिजली घर है। इसे सेक्टर-37 में स्थानांतरित किया जाना है, लेकिन नए बिजली घर का निर्माण कार्य अभी जारी है।
जब तक बिजली घर को शिफ्ट करने की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक इससे जुड़ी बाधाओं को दूर करना जरूरी रहेगा। वहीं, उमंग भारद्वाज चौक के पास पांच मकानों से संबंधित मामला अदालत में लंबित है। इस कानूनी विवाद का समाधान भी परियोजना की प्रगति के लिहाज से अहम है।
409 करोड़ रुपये से बनेगा मेट्रो डिपो
मेट्रो परियोजना के लिए सेक्टर-33 में 409 करोड़ रुपये की लागत से डिपो बनाया जाना है। इसके निर्माण के लिए करीब पांच महीने पहले टेंडर जारी किया गया था और पांच कंपनियों ने इसमें रुचि दिखाई है।
हालांकि, डिपो का निर्माण भी देरी का सामना कर रहा है। हाईटेंशन लाइन, बिजली घर और अदालत से जुड़े मामलों के बीच परियोजना के अलग-अलग हिस्सों पर काम आगे बढ़ाने के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। इन बाधाओं के दूर होने तक ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना की समयसीमा पर दबाव बना रह सकता है। #GurugramMetro #GurugramNews #HaryanaNews

