करनाल (Kanwaljeet Singh UK Death): हरियाणा के करनाल जिले के धमनहेड़ी गांव के 19 वर्षीय कंवलजीत सिंह की यूके में मौत से परिवार सदमे में है। करीब तीन महीने पहले पिता सविंद्र सिंह ने बेहतर भविष्य की उम्मीद में 17 लाख रुपये का कर्ज लेकर बेटे को विदेश भेजा था। अब परिवार बेटे का शव भारत लाने के लिए शासन-प्रशासन से मदद मांग रहा है।
जिस घर में 5 अक्टूबर को कंवलजीत का जन्मदिन मनाया गया था, वहां अब मातम पसरा है। मां, पिता और बहन को यकीन नहीं हो रहा कि जिस बेटे और भाई के साथ भविष्य की खुशियां जुड़ी थीं, वह अब कभी घर नहीं लौटेगा।
जन्मदिन के कुछ दिन बाद मिली मौत की खबर
कंवलजीत तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसकी बड़ी बहन रमनदीप कौर की फरवरी में शादी होनी है, जबकि उसका भाई हर्षदीप परिवार का दूसरा बेटा है। परिवार को कंवलजीत से काफी उम्मीदें थीं और उसके बेहतर भविष्य के लिए अपनी आर्थिक क्षमता से बढ़कर कर्ज लिया गया था।
मां ने बताया कि 5 अक्टूबर को घर पर कंवलजीत का जन्मदिन मनाया गया था। यूके में उसके दोस्तों ने भी उसके साथ जन्मदिन की खुशियां साझा की थीं। मां के मुताबिक, परसों रात ही बेटे से फोन पर बात हुई थी। उस बातचीत में उसने किसी परेशानी का जिक्र नहीं किया था।
पिता से कहा था, यूके में मन नहीं लगता
पिता सविंद्र सिंह ने बताया कि कंवलजीत ने पहले फोन पर कहा था कि यूके में उसका मन नहीं लगता। इस पर पिता ने उसे वापस आने के लिए भी कहा था। परिवार के लिए बेटे की खुशी सबसे जरूरी थी, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि वह किस परेशानी से गुजर रहा है।
पिता अब इस बात से दुखी हैं कि बेटा अपनी परेशानी खुलकर नहीं बता पाया। परिवार ने उसे विदेश इसलिए भेजा था, ताकि वह पढ़ाई और काम के जरिए अपना भविष्य बेहतर बना सके।
बहन की शादी में आने का दिया था न्योता
कंवलजीत की बहन रमनदीप कौर ने बताया कि उसने भाई से बात करके उसे वापस आने के लिए कहा था। उसने भाई को फरवरी में होने वाली शादी में शामिल होने का न्योता भी दिया था। बहन ने उसे समझाया था कि उसके पास अभी वीजा है और शादी के बाद वह दोबारा विदेश जा सकता है।
रमनदीप के मुताबिक, भाई ने खुद को ठीक बताया था और कहा था कि उसे कोई परेशानी नहीं है। कंवलजीत ने 12वीं तक पढ़ाई की थी और आगे की पढ़ाई भी कर रहा था। परिजनों के अनुसार, करीब 20 दिन में उसका वीजा लग गया था और वह तीन महीने पहले ही यूके पहुंचा था।
17 अक्टूबर को काम पर गया था कंवलजीत
परिजनों के अनुसार, 17 अक्टूबर को कंवलजीत काम पर गया था, लेकिन दोपहर बाद वापस लौट आया। इसके बाद उसकी मौत हो गई। रात करीब 10 बजे यूके में पड़ोस में रहने वाली एक महिला के माध्यम से परिवार को फोन पर सूचना मिली। इसके बाद वहां की पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की।
परिवार को अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कंवलजीत की मौत किन परिस्थितियों में हुई। परिजनों के पास इस बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं है कि उसने फंदा लगाया था या किसी जहरीले पदार्थ का सेवन किया था। मौत की वजह और घटनाक्रम की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
शव भारत लाने के लिए मदद की गुहार
कंवलजीत के पिता दिहाड़ी मजदूरी करके परिवार चलाते हैं। बेटे को विदेश भेजने के लिए लिया गया करीब 17 लाख रुपये का कर्ज परिवार की आर्थिक चिंता बढ़ाता है। बेटे को खोने के दुख के बीच अब परिजनों के सामने उसका शव भारत लाने की चुनौती भी है।
परिवार ने शासन-प्रशासन से मदद की अपील की है, ताकि वे अपने बेटे का अंतिम बार चेहरा देख सकें और उसका अंतिम संस्कार कर सकें। जिस बेटे को बेहतर भविष्य की उम्मीद के साथ विदेश भेजा गया था, उसकी मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। हालांकि, कंवलजीत की मौत के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। #KarnalNews #HaryanaNews #UKNews

