Nangal Chaudhary : बारिश न होने से बढ़ी किसानों की चिंता, नांगल चौधरी में सूखे खेतों के बीच सरसों की बिजाई बनी चुनौती
भुंगारका में नमी खत्म होने पर खेत की पलाव करता किसान।
Nangal Chaudhary : (विजय यादव) बाजरे की कटाई का कार्य लगभग पूरा होने के बाद अब किसान रबी सीजन की फसलों की तैयारी में जुट गए हैं। खेतों में बाजरे की थ्रेसिंग का कार्य चल रहा है, लेकिन बारिश नहीं होने के कारण खाली हुए खेतों में पर्याप्त नमी नहीं बची है।
ऐसे में सरसों की समय पर बिजाई करना किसानों के लिए चुनौती बन गया है। खेतों में नमी बनाने के लिए किसान पलाव करने में जुटे हैं, लेकिन अधिकांश गांव नहरों से अटेच नहीं होना चिंता का विषय बना हुआ है।
आपको बता दें कि नांगल चौधरी उपमंडल के विभिन्न गांवों में करीब 13 हजार हेक्टेयर रकबे पर सरसों की बिजाई होने का अनुमान है। विभाग के अनुसार सरसों की अच्छी पैदावार के लिए समय पर बिजाई जरूरी है, लेकिन खेतों में नमी नहीं होने से उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाकर सिंचाई करनी पड़ रही है।
इससे खेती की लागत भी बढ़ रही है। हालांकि बीते दिनों निजामपुर ब्लॉक के कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई थी। जहां खेतों में कुछ नमी बनी हुई है, जिसके चलते चने की बिजाई की संभावना जताई जा रही है। वहीं, नांगल चौधरी क्षेत्र के अधिकांश गांवों में बारिश नहीं होने के कारण खेत सूखे पड़े हैं। इन क्षेत्रों में किसानों को सरसों की बिजाई से पहले पलाव करना पड़ रहा है।
नहरों के आसपास के किसानों ने खेतों में पानी लगाकर पलाव का कार्य शुरू कर दिया है। परंतु क्षेत्र के अधिकांश गांव नहरों से सीधे जुड़े हुए नहीं हैं। ऐसे में इन गांवों के किसान कृषि बोरवेलों के सहारे खेतों में पानी लगाकर जमीन तैयार कर रहे हैं।
किसानों का कहना है कि डीजल और बिजली से सिंचाई करने पर खेती की लागत बढ़ जाती है, जबकि पहले बारिश होने पर खेतों में पर्याप्त नमी मिल जाती थी। किसानों को आशंका है कि यदि आगामी दिनों में बारिश नहीं हुई तो नहरों से दूर स्थित कई गांवों में सरसों का रकबा प्रभावित हो सकता है। जिन किसानों के पास सिंचाई के साधन उपलब्ध नहीं हैं, उनके लिए समय पर बिजाई करना मुश्किल होगा।
किसानों ने मौसम विभाग से आगामी दिनों में अच्छी बारिश की उम्मीद जताई है, ताकि खेतों में प्राकृतिक नमी बन सके और रबी फसलों की बिजाई समय पर हो सके।
तापमान 30 डिग्री से नीचे आने पर सरसों की बिजाई करें किसान
खंड कृषि विकास अधिकारी डॉ हरीश यादव ने बताया कि अबकी बार पर्याप्त बारिश नहीं हुई, जिस कारण खेतों में नमी नहीं। किसानों की पलाव करके ही बिजाई करनी होगी। उन्होंने बताया कि अभी 35 से अधिक तापमान है जो बिजाई के अनुकूल नहीं। 30 डिग्री से कम तापमान आने पर बिजाई करना उचित रहेगा। 15 अक्अूबर तक सरसों की बिजाई के अनुकूल तापमान हो जाएगा।
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