Narnaul News: राजकीय महाविद्यालय नारनौल में इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर (रेवाड़ी) के तत्वावधान में आयोजित नौवें जोनल युवा महोत्सव ‘तरंग’ के दूसरे दिन भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही।
जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी एवं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अमित चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित इस भव्य महोत्सव में क्षेत्र के 21 महाविद्यालयों की टीमों ने 65 विभिन्न विधाओं में बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी शानदार प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में भूतपूर्व छात्र संघ के अध्यक्ष मनीष मित्तल ने शिरकत की, जबकि विशिष्ट अतिथियों के रूप में एडवोकेट तेज प्रकाश, एडवोकेट मुकेश मित्तल, राजेंद्र यादव, सुरेश चौधरी, डॉ. मनोज सैनी और पृथ्वी पाल विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि मनीष मित्तल ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक, साहित्यिक और कलात्मक प्रतिभा को बड़े मंच पर प्रदर्शित करने का बेहतरीन अवसर मिलता है।
इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर की ओर से डीन छात्र कल्याण डॉ. करण सिंह, निदेशक अदिति शर्मा, सह-निदेशक सुशांत सिंह और निर्णायक मंडल ने कार्यक्रमों के सफल संचालन में अहम भूमिका निभाई। पूरे दिन महाविद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा और विभिन्न प्रतियोगिताओं ने दर्शकों का मन मोह लिया।
महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक एवं आयोजन परिषद के सदस्य डॉ. चंद्रमोहन, डॉ. सतीश सैनी, योगेश कुमार और डॉ सत्यपाल सूलोदिया द्वारा अतिथियों के स्वागत, सत्कार एवं अन्य व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने में अहम भूमिका निभाई। आयोजन से जुड़े प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने भी विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग दिया।
महोत्सव के दूसरे दिन विभिन्न प्रतियोगिताओं के लिए कुल छह मंच तैयार किए गए थे, जिन पर एक साथ कई प्रस्तुतियां दी गईं:
पहला मंच– एकल नृत्य (सोलो डांस) की शानदार प्रस्तुतियां हुईं।
दूसरा मंच– पश्चिमी और भारतीय समूह गायन, लोकल ग्रुप सॉन्ग तथा इंस्ट्रूमेंटल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
तीसरा मंच– कविता पाठ के माध्यम से प्रतिभागियों ने अपनी साहित्यिक एवं काव्यात्मक अभिव्यक्ति पेश की।
चौथा मंच– नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया, जिसमें सामाजिक विषयों और जन-जागरूकता से जुड़े संदेश दिए गए।
पांचवां मंच- रंगोली और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक कल्पनाशीलता का प्रदर्शन किया।
छठा मंच– संस्कृत श्लोक एवं डिक्लेमैशन प्रतियोगिताओं के जरिए प्रतिभागियों ने भाषा और अभिव्यक्ति कौशल का परिचय दिया।
महाविद्यालय के प्राचार्य एवं युवा महोत्सव के संयोजक डॉ. अमित चौधरी ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता तथा टीम भावना विकसित करते हैं। युवा महोत्सव के सह-संयोजक डॉ. हवा सिंह और ऑर्गेनाइजर सेक्रेटरी डॉ. नरेश कुमार ने सभी व्यवस्थाओं व मंचों के सुचारू संचालन में अहम जिम्मेदारी निभाई।
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