Narnaul News: जिला पुलिस महेंद्रगढ़ द्वारा विद्यार्थियों एवं आमजन को सुरक्षा, नशामुक्ति और साइबर अपराधों की रोकथाम के प्रति जागरूक करने के लिए निरंतर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
इसी कड़ी में शुक्रवार को दीपावली के पावन अवसर पर डीएवी पब्लिक स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पुलिस टीम ने विद्यार्थियों एवं विद्यालय स्टाफ को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को दीपावली पर्व के महत्व के बारे में बताते हुए इसे अपने परिवार के साथ सुरक्षित, हर्षोल्लास एवं आपसी सौहार्द के साथ मनाने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस टीम ने बच्चों को पटाखों के इस्तेमाल में विशेष सावधानी बरतने, बड़े एवं जोखिमपूर्ण पटाखों से दूर रहने तथा सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करने की जानकारी दी।
विद्यार्थियों को समझाया गया कि केवल सरकार द्वारा अनुमोदित ग्रीन पटाखों का ही निर्धारित समय एवं नियमों के अनुसार उपयोग किया जा सकता है, जबकि प्रतिबंधित पटाखों का इस्तेमाल न करें। साथ ही पटाखों से होने वाली दुर्घटनाओं, आगजनी एवं प्रदूषण के संभावित खतरों के प्रति भी जागरूक किया गया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देते हुए नशे से दूर रहने और शिक्षा, खेलकूद व सकारात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया।
पुलिस टीम ने बताया कि नशा न केवल स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि युवाओं के भविष्य और परिवार की खुशियों को भी प्रभावित करता है। विद्यार्थियों को नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।
साइबर सुरक्षा के संबंध में विद्यार्थियों को सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े जोखिमों, अनजान लिंक, फर्जी कॉल एवं ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के उपाय बताए गए। उन्हें किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ ओटीपी, पासवर्ड अथवा व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी गई।
साथ ही साइबर अपराध की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 तथा नशे से संबंधित सूचना एवं सहायता के लिए मानस हेल्पलाइन 1933 की जानकारी दी गई।
पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को हरियाणा पुलिस की आपातकालीन सहायता सेवा डायल-112 के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी आपातकालीन स्थिति, दुर्घटना अथवा संकट के समय डायल-112 पर संपर्क कर त्वरित सहायता प्राप्त की जा सकती है।
बच्चों को आपातकालीन सेवाओं का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने और किसी भी परेशानी की स्थिति में अपने अभिभावकों अथवा शिक्षकों को तुरंत सूचित करने के लिए प्रेरित किया गया।
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