Narnaul News: जैसे-जैसे वातावरण में ठंडक घुलनी शुरू हो रही है, वैसे-वैसे हरियाणा-एनसीआर और दिल्ली की फिजाओं में प्रदूषण का जहर भी घुलने लगा है। सर्दी के आगमन के साथ ही पूरे क्षेत्र की आबोहवा लगातार प्रदूषित हो रही है और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। वर्तमान स्थिति यह है कि एनसीआर दिल्ली के कई इलाकों में एक्यूआई 400 के पार पहुंच चुका है।
वहीं, नारनौल सहित पूरे महेंद्रगढ़ जिले की बात करें तो दिवाली से पहले ही स्थिति चिंताजनक हो गई है। जिले के नारनौल, अटेली, नांगल चौधरी और महेंद्रगढ़ में वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 के आंकड़े को पार कर गया है। हालांकि, बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और जिले में निर्माण कार्यों पर रोक लगाने सहित कई आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
प्रदूषण का यह बढ़ता स्तर आमजन के स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। दमघोंटू हवा के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और पूरा एनसीआर क्षेत्र एक जहरीली गैसों के चैंबर में तब्दील होता नजर आ रहा है।
मौसम विशेषज्ञ की चेतावनी- आगामी एक सप्ताह रहेगा चुनौतीपूर्ण
राजकीय महाविद्यालय नारनौल के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी, एवं मौसम विशेषज्ञ प्रोफेसर डॉ. चंद्रमोहन ने इस स्थिति पर विस्तृत जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों तक हरियाणा-एनसीआर दिल्ली, विशेषकर महेंद्रगढ़ जिले में वायु गुणवत्ता सूचकांक अपेक्षाकृत सामान्य बना हुआ था, जिसका मुख्य कारण पश्चिमी मौसम प्रणाली का प्रभाव था।
इस दौरान लगातार दक्षिण-पूर्वी हवाओं के प्रवाह और हल्की बारिश व बूंदाबांदी के कारण वातावरण में मौजूद धूल और प्रदूषक कणों के स्तर में कमी दर्ज की गई थी। लेकिन अब त्योहारी सीजन की शुरुआत और आतिशबाजी व अन्य स्थानीय गतिविधियों के चलते वायु गुणवत्ता में एक बार फिर भारी गिरावट देखने को मिल रही है।
डॉ. चंद्रमोहन ने चेताया है कि आगामी एक सप्ताह हरियाणा-एनसीआर और दिल्ली के लिए प्रदूषण के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। इस अवधि के दौरान पाकिस्तान, पंजाब तथा पंजाब से सटे हरियाणा के क्षेत्रों में पराली जलाने की घटनाओं में बढ़ोतरी होने की आशंका है।
इसके अलावा, शीत ऋतु की शुरुआत के साथ उत्तरी एवं उत्तर-पश्चिमी हवाओं के सक्रिय होने पर ऊपरी वायुमंडल में मौजूद प्रदूषक कण हरियाणा के दक्षिणी हिस्सों और एनसीआर क्षेत्र की ओर रुख कर सकते हैं।


