Narnaul: हरियाणा राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती भारती सैनी ने ज़ेन-जी (Gen Z) विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए शिक्षा, संस्कार, महिला सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर प्रेरणादायक विचार साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में उच्च लक्ष्य निर्धारित करने के साथ-साथ अच्छे संस्कार अपनाने और सामाजिक जिम्मेदारियों को समझने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। आज के विद्यार्थी ही कल के डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, प्रशासनिक अधिकारी, उद्यमी और देश के जिम्मेदार नागरिक बनेंगे, इसलिए शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छी नौकरी प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक संवेदनशील, संस्कारवान और जिम्मेदार इंसान बनना भी होना चाहिए।
श्रीमती भारती सैनी ने कहा कि विद्यार्थी शिक्षा पूरी करने के बाद जिस भी क्षेत्र में अपना भविष्य बनाएँ, वहाँ पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। देश की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्यों को समझते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान दे।
महिला सशक्तिकरण के लिए युवाओं की भागीदारी जरूरी
महिला सशक्तिकरण पर अपने विचार रखते हुए भारती सैनी ने कहा कि एक सशक्त राष्ट्र के निर्माण के लिए महिलाओं को शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और समान अवसर मिलना आवश्यक है। युवाओं को महिलाओं के प्रति सम्मानजनक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए और समाज में व्याप्त भेदभाव, रूढ़ियों तथा असमानता को समाप्त करने के लिए सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सम्मान केवल एक विचार नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, ज्ञान और नए अवसरों के साथ भारतीय संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी।
अपनी सफलता को देश और समाज की ताकत बनाइए
भारती सैनी ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे बड़े सपने देखें, निरंतर मेहनत करें, अनुशासन बनाए रखें और असफलताओं से सीखते हुए आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि जीवन में पद, प्रतिष्ठा और आर्थिक सफलता प्राप्त करना महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है अपने चरित्र, संस्कार और कर्तव्यनिष्ठा को बनाए रखना। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि “आप देश का भविष्य हैं। आप जहाँ भी जाएँ, जिस भी पद पर पहुँचें, अपने ज्ञान और सामर्थ्य का उपयोग देश एवं समाज की सेवा के लिए करें। इस संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कार, महिला सम्मान, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी गई।
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