Rohtak News: सोनम वांगचुक की हिरासत पर भड़के हुड्डा, बोले- “अंग्रेजों ने भी गांधी जी के साथ ऐसा बर्ताव नहीं किया था”
पेपर लीक को लेकर हुड्डा का हमला: "देश में 150 और हरियाणा में 30 पेपर लीक, धर्मेंद्र प्रधान तुरंत इस्तीफा दें"
Rohtak News: रोहतक पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा अपने पुराने रंग में नजर आए। उन्होंने सूबे की मौजूदा और पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा करते हुए जमकर चुटकियां लीं। चैनत गांव का उदाहरण देते हुए हुड्डा ने कहा कि वहां तीन बार ड्रामा हो चुका है। पहले प्रशासन ने टी (T) लगाई, फिर उसे उखाड़ा और अब दोबारा लगाने पहुंच गए।
स्थिति यह है कि मौजूदा सीएम मना करते हैं और पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर हां भर देते हैं। हुड्डा ने अपने ठेठ हरियाणवी अंदाज में कहा, “भाजपा में कौन बाबू है और किसकी चलती है, मन्नै कोनी बेरा। यहां सरकार कौन चला रहा है, यह किसी को समझ नहीं आ रहा।”
विधानसभा का पुराना वाकया याद कर बोले— विज और खट्टर तो आपस में ही लड़ते थे
हुड्डा यहीं नहीं रुके, उन्होंने मनोहर लाल खट्टर के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान विधानसभा के भीतर हुए एक मजेदार और अजीब वाकये का जिक्र कर चुटकी ली। उन्होंने कहा, “सदन में जब मैंने एक बार सरकार से सवाल पूछा, तो जवाब देने के लिए मनोहर लाल जी खड़े हुए। उसी समय रामबिलास शर्मा, ओमप्रकाश धनखड़ और पीछे से अनिल विज भी खड़े हो गए।
जब मनोहर लाल ने अनिल विज से कहा कि तुम बैठ जाओ, तो विज ने पलटकर खट्टर साहब को ही कह दिया कि आप बैठ जाओ। मैंने उसी समय कहा था कि यह क्या ड्रामा है, देश-प्रदेश को यह तो पता चले कि आखिर राज कौन कर रहा है।”
सोनम वांगचुक को उठाने पर भड़के हुड्डा, बोले— “अंग्रेजों ने भी गांधी को ऐसे नहीं उठाया था”
लद्दाख के पर्यावरण और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को हिरासत में लिए जाने की घटना पर पूर्व सीएम ने बेहद कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि वांगचुक को जबरन और गलत तरीके से उठाया गया है। वे कोई अपने निजी स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि देश के सिस्टम को सुधारने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से बैठे थे।
हुड्डा ने नाराजगी जताते हुए कहा, “जब देश अंग्रेजों का गुलाम था, तब भी उन्होंने महात्मा गांधी को इस तरह बीच रास्ते से नहीं उठाया था। आज लोकतांत्रिक देश में प्रजातंत्र की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। बातचीत से समाधान निकालने के बजाय सरकार जनता की आवाज को कुचलने पर आमादा है।”
पेपर लीक पर घेरा: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप
नीट (NEET) परीक्षा विवाद और देश भर में सरकारी नौकरियों के पेपर लीक होने के मुद्दे पर हुड्डा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि आज पूरा विपक्ष एकजुट होकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है, क्योंकि नैतिकता के आधार पर उन्हें पद छोड़ देना चाहिए था।
हुड्डा ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि देशभर में अब तक 150 से ज्यादा और अकेले हरियाणा में 30 से अधिक पेपर लीक हो चुके हैं। इस गड़बड़झाले के कारण युवाओं के मन में घोर निराशा है। देश में हालत यह है कि हर साल 9 करोड़ युवा महज 6 लाख नौकरियों के लिए आवेदन करने को मजबूर हैं और शिक्षा का तेजी से निजीकरण किया जा रहा है। उन्होंने तंज कसा कि हरियाणा के बच्चे यूपीएससी और नीट टॉप कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अपने ही प्रदेश में क्लास-ए की नौकरियां नहीं मिल पा रही हैं।
