Nilokheri DC Inspection: बच्चों संग जमीन पर बैठकर डीसी ने खाया मिड-डे-मील, शामगढ़ स्कूल में औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप
बच्चों संग जमीन पर बैठकर डीसी ने खाया मिड-डे-मील
Nilokheri DC Inspection: हरियाणा के प्रशासनिक गलियारों से अक्सर औचक निरीक्षणों की खबरें आती हैं, लेकिन जब जिले का सर्वोच्च अधिकारी खुद बच्चों के बीच बैठकर उनके हिस्से का निवाला चखे, तो व्यवस्था में सुधार की उम्मीदें बढ़ जाती हैं। नीलोखेड़ी के शामगढ़ गांव में सोमवार को ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब करनाल के डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा बिना किसी पूर्व सूचना के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पहुंच गए। उनके इस अचानक दौरे से स्कूल प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीसी ने यहां सीधे तौर पर सरकार की महत्वाकांक्षी मिड-डे-मील योजना की हकीकत जांची और यह सुनिश्चित किया कि नौनिहालों को मिलने वाला भोजन मानकों के अनुरूप है या नहीं।
थाली लेकर बच्चों के बीच बैठे डीसी, पढ़ाई और खेलकूद पर की सीधी बात
निरीक्षण की औपचारिकता से आगे बढ़ते हुए डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने बच्चों के साथ जमीन पर पंक्ति में बैठकर भोजन ग्रहण किया। प्रशासनिक तामझाम से दूर, उन्होंने बच्चों से बड़े ही आत्मीय भाव से पूछा कि क्या भोजन रोज ऐसा ही मिलता है? मात्रा पर्याप्त होती है या नहीं? बच्चों ने भी बेबाकी से जवाब देते हुए खाने को स्वादिष्ट और पौष्टिक बताया। भोजन के साथ-साथ डीसी ने बच्चों की क्लासरूम एक्टिविटीज, उनके खेल और भविष्य के सपनों को लेकर भी संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों की पीठ थपथपाते हुए उन्हें पूरी एकाग्रता के साथ शिक्षा ग्रहण करने और जीवन में बड़ा लक्ष्य तय करने के लिए प्रेरित किया।
स्टॉक रजिस्टर खंगाला, पीने के पानी और स्वच्छता पर दिए कड़े निर्देश
स्कूल के भीतर केवल रसोई ही नहीं, बल्कि डीसी ने प्रशासनिक व्यवस्था की भी बारीक पड़ताल की। उन्होंने मिड-डे-मील से जुड़े स्टॉक रजिस्टर, राशन की उपलब्धता और अनाज की गुणवत्ता का भौतिक सत्यापन (फिजिकल वेरिफिकेशन) किया। पेयजल की टंकी और शौचालय परिसर का मुआयना करते हुए उन्होंने स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिए कि बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
लापरवाही पर नकेल: एडीसी की मौजूदगी में दी सख्त हिदायत
इस विशेष निरीक्षण के दौरान एडीसी डॉ. राहुल रईया भी मुख्य रूप से उनके साथ मौजूद रहे। डीसी ने स्कूल की प्रधानाचार्य और शिक्षकों की बैठक लेकर स्पष्ट कहा कि बच्चों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण देना सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हमारी प्राथमिक कर्तव्य है। उन्होंने आदेश दिए कि मिड-डे-मील पूरी तरह से निर्धारित मेन्यू के अनुसार और सही समय पर तैयार होना चाहिए। भोजन में प्रोटीन और आवश्यक पोषक तत्वों का संतुलन अनिवार्य है ताकि बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित न हो। इस औचक दौरे के बाद क्षेत्र के अन्य सरकारी स्कूलों के स्टाफ में भी मुस्तैदी देखी जा रही है।
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