Thought of the Day: जो दूसरों को रोशनी देता है, उसका दीपक कभी नहीं बुझता
Thought of the Day
Thought Of The Day: भागदौड़ भरी और प्रतिस्पर्धी जिंदगी में इंसान अक्सर अपने ही लक्ष्यों और उलझनों में सिमट कर रह जाता है। ऐसे में ‘जग मार्ग’ का आज का विचार— “जो दूसरों को रोशनी देता है, उसका दीपक कभी नहीं बुझता” —हमें रुककर यह सोचने पर मजबूर करता है कि जीवन की वास्तविक सार्थकता किसमें है। यह विचार महज एक उपदेश नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को जगाने वाली एक ऐसी सीख है जो हर दौर में उतनी ही प्रासंगिक रही है।
रोशनी बांटने का वास्तविक अर्थ
दूसरों को रोशनी देने का मतलब केवल धन या संसाधनों से मदद करना नहीं है। किसी हताश व्यक्ति को उम्मीद का एक शब्द कहना, राह भटक चुके को सही दिशा दिखाना या किसी के मुश्किल समय में उसके साथ ढाल बनकर खड़े हो जाना भी रोशनी फैलाने जैसा ही है।
जब कोई व्यक्ति बिना किसी स्वार्थ के दूसरों के जीवन से अंधेरा मिटाने का प्रयास करता है, तो वह अनजाने में ही सही, अपने लिए भी सम्मान और अमरता का मार्ग प्रशस्त कर लेता है। ऐसे लोगों का व्यक्तित्व और उनकी अच्छाई कभी समय की गर्द में गुम नहीं होती।
निस्वार्थ कर्म से ही जलती है सद्भाव की ज्योति
इतिहास गवाह है कि समाज में उन्हीं लोगों को याद रखा गया है जिन्होंने अपना जीवन दूसरों के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। दीपक खुद जलकर दूसरों को प्रकाश देता है, लेकिन इस प्रक्रिया में वह स्वयं को अमर बना लेता है। ठीक उसी तरह, जो इंसान अपने ज्ञान, सामर्थ्य और करुणा से दूसरों के जीवन को संवारता है, उसकी ख्याति और उसका प्रभाव कभी फीका नहीं पड़ता।
आज के समय में जब दूरियां बढ़ रही हैं और आपसी सहानभूति कम होती दिख रही है, तब यह विचार हमें याद दिलाता है कि दूसरों की भलाई में ही हमारी अपनी भलाई छिपी है। आइए, अपने भीतर की अच्छाई की ज्योति को जलाएं और किसी और के अंधेरे सफर का उजाला बनें।
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