Kurukshetra University: कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में NEET धांधली पर गूंजे नारे, ‘NTA मतलब नेशनल टॉर्चर एजेंसी’, छात्रों ने निकाला रोष मार्च
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में उबला छात्रों का गुस्सा, दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
Kurukshetra University: देशभर में गरमाए नीट (NEET) पेपर लीक विवाद और दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राओं पर पुलिसिया बल प्रयोग की गूंज अब कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी (KU) में भी साफ सुनाई देने लगी है। गुरुवार को यूनिवर्सिटी के सैकड़ों छात्र-छात्राएं एकजुट होकर सड़कों पर उतरे और दिल्ली में प्रताड़ित हुए साथियों के समर्थन में जोरदार रोष मार्च निकाला। नेहरू लाइब्रेरी से शुरू हुआ यह पैदल मार्च करीब आधा किलोमीटर दूर यूनिवर्सिटी के थर्ड गेट तक पहुंचा, जहां छात्रों ने केंद्र सरकार और परीक्षा तंत्र के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।
हाथों में ‘मोदी जी आप जियान हो’, ‘डिस्ट्रॉय ऑफ एजुकेशन’ और ‘बेहतर शिक्षा ही भविष्य की नींव है’ जैसे तल्ख नारों वाली तख्तियां थामे विद्यार्थियों ने करीब आधे घंटे तक थर्ड गेट पर धरना दिया और विरोध प्रदर्शन किया।
“सोशल मीडिया पर ट्वीट नहीं, प्रधानमंत्री खुद सामने आकर छात्रों से करें बात”
प्रदर्शन की अगुवाई कर रही छात्रा मधु ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) एक के बाद एक परीक्षाओं के पेपर लीक कराकर लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा, “NTA अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी नहीं बल्कि ‘नेशनल टॉर्चर एजेंसी’ बन चुकी है। प्रधानमंत्री का केवल एक्स (ट्विटर) पर प्रतिक्रिया दे देना काफी नहीं है। देश का युवा चाहता है कि प्रधानमंत्री खुद सामने आएं और प्रभावित छात्रों से सीधे बात करके उनकी समस्याएं सुनें।”
मधु ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि बातचीत के जरिए इस धांधली का ठोस समाधान नहीं निकाला गया, तो आने वाले दिनों में देशव्यापी स्तर पर 20 जुलाई से भी बड़ा और व्यापक आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
गैर-राजनीतिक मंच से उठी हक की आवाज, सुरक्षा रही मुस्तैद
प्रदर्शन में शामिल अन्य छात्रा आरजू शर्मा ने स्पष्ट किया कि वे किसी राजनीतिक दल के झंडे तले एकत्र नहीं हुए हैं, बल्कि उन बेकसूर और मेहनती साथियों के हक के लिए खड़े हैं जिनका करियर पेपर लीक माफिया की भेंट चढ़ गया। उन्होंने कहा कि आज पूरे देश का युवा एक स्वर में अपनी आवाज बुलंद कर रहा है और सरकार को अपनी नाकामी स्वीकार करते हुए जवाबदेही तय करनी ही होगी।
उधर, छात्रों के उग्र रुख को देखते हुए कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर केयू का सेकेंड गेट पूरी तरह बंद कर दिया गया, जबकि थर्ड गेट पर सघन जांच के बाद ही वाहनों व पैदल यात्रियों को प्रवेश की इजाजत दी गई। केयू की सिक्योरिटी टीम मार्च के दौरान साथ-साथ चलती रही, वहीं इस्माइलाबाद व स्थानीय पुलिस बल भी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर मौजूद रहा।
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