July 23, 2026

CBI Raid: चंडीगढ़-लुधियाना में बैंक फ्रॉड मामले में CBI की बड़ी कार्रवाई, CSCL बैंक फ्रॉड मामले में 5 ठिकानों पर एक साथ रेड

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CBI Raid: चंडीगढ़-लुधियाना में बैंक फ्रॉड मामले में CBI की बड़ी कार्रवाई, CSCL बैंक फ्रॉड मामले में 5 ठिकानों पर एक साथ रेड

चंडीगढ़-लुधियाना में बैंक फ्रॉड मामले में CBI की बड़ी कार्रवाई

CBI Raid: चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (CSCL) और नगर निगम के बैंक खातों से कथित पैसों की हेराफेरी मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। जांच एजेंसी ने चंडीगढ़ और लुधियाना में कुल पांच संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई कथित बैंकिंग फ्रॉड और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जांच के तहत की गई है। CBI की जांच का दायरा उन लोगों तक भी पहुंच गया है, जिन पर CSCL के पूर्व कर्मचारी अनुभव मिश्रा के कथित फर्जी लेनदेन से लाभ उठाने का संदेह है। एजेंसी अब वित्तीय लेनदेन की पूरी श्रृंखला और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

पूर्व कर्मचारी से जुड़े संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी

CBI ने जिन स्थानों पर छापेमारी की, उनमें संदिग्धों के आवास, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और जांच के दायरे में आई कुछ निजी कंपनियां शामिल हैं। एजेंसी का मानना है कि इन स्थानों से मिले रिकॉर्ड जांच को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। जांच अधिकारियों ने छापेमारी के दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक और वित्तीय रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए हैं। इन दस्तावेजों का फॉरेंसिक और तकनीकी विश्लेषण किया जाएगा।

डिजिटल सिग्नेचर से लेकर बैंक रिकॉर्ड तक जब्त

CBI की टीमों ने कार्रवाई के दौरान स्टोरेज ड्राइव, डिजिटल सिग्नेचर, अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और बैंक लेन-देन से संबंधित रिकॉर्ड जब्त किए हैं। जांच एजेंसी अब इन डिजिटल और कागजी दस्तावेजों का मिलान बैंकिंग ट्रांजैक्शन और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड से करेगी, ताकि कथित फंड ट्रांसफर की पूरी प्रक्रिया स्पष्ट हो सके।

504 करोड़ रुपये के कथित बैंकिंग फ्रॉड से जुड़ा मामला

यह जांच IDFC फर्स्ट बैंक की सेक्टर-32 शाखा से जुड़े कथित बैंकिंग फ्रॉड मामले से संबंधित है। आरोप है कि फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और शेल कंपनियों के जरिए हरियाणा सरकार के आठ अलग-अलग विभागों के करीब 504 करोड़ रुपये के सरकारी फंड की कथित हेराफेरी की गई। जांच के अनुसार, कथित फर्जी या अस्तित्वहीन एफडी और फर्जी डेबिट ट्रांजैक्शन के माध्यम से सरकारी राशि को शेल कंपनियों के खातों में ट्रांसफर किया गया। इस मामले ने सरकारी वित्तीय निगरानी और बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।

हरियाणा सरकार के अनुरोध पर CBI कर रही जांच

इस मामले की शुरुआती जांच हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कर रहा था। बाद में हरियाणा सरकार के अनुरोध पर जांच CBI को सौंप दी गई। अब CBI पूरे मामले की वित्तीय कड़ियों, डिजिटल साक्ष्यों और कथित लाभार्थियों की भूमिका की जांच कर रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित फर्जी लेनदेन में किन-किन लोगों या संस्थाओं की भूमिका रही और सरकारी धन किस माध्यम से आगे भेजा गया।

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