Yamunanagar News: दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद यमुनानगर में बवाल, सड़कों पर उतरे किसान संगठन, मांगा शिक्षा मंत्री का इस्तीफा
दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद यमुनानगर में बवाल
Yamunanagar News: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठा रहे छात्र-युवाओं पर हुई पुलिसिया कार्रवाई का असर अब हरियाणा के जिलों में साफ देखने को मिल रहा है। दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज और बल प्रयोग के विरोध में गुरुवार को यमुनानगर में किसानों, मजदूरों और विभिन्न सामाजिक संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा। ‘भारतीय किसान यूनियन’ (भाकियू) के दोनों धड़ों, सर्व समाज मोर्चा और मजदूर यूनियनों ने एकजुट होकर शहर में जोरदार रोष प्रदर्शन किया।
कन्हैया साहिब चौक से शुरू हुआ पैदल मार्च, सड़कों पर लगा लंबा जाम
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सुबह साढ़े 10 बजे के करीब विभिन्न संगठनों से जुड़े सैकड़ों लोग कन्हैया साहिब चौक पर एकत्र होना शुरू हुए। इसके बाद करीब 11 बजे हाथों में बैनर और झंडे लेकर प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय की तरफ पैदल मार्च शुरू कर दिया।
अचानक सड़कों पर उतरी भीड़ के कारण शहर की मुख्य सड़क पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया और लंबा जाम लग गया। स्थिति को बिगड़ता देख मौके पर मौजूद पुलिस बल को आनन-फानन में उस रूट का ट्रैफिक वन-वे कर वाहनों की आवाजाही को संभालना पड़ा।
‘लाखों युवाओं का भविष्य अधर में, जिम्मेदारी तय करे सरकार’
लघु सचिवालय पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रशासनिक अधिकारियों के जरिए देश की राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। भाकियू चढूनी के जिलाध्यक्ष संजू ने कहा, “देश में लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं। लाखों नौजवानों की मेहनत और उनका भविष्य दांव पर लगा है, लेकिन सरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर जरा भी गंभीर नजर नहीं आ रही। हमारी मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।”
वहीं, भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कहा कि बीते 20 जुलाई को दिल्ली में जब छात्र शांतिपूर्ण तरीके से जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च निकाल रहे थे, तो उन पर बर्बरता से लाठियां बरसाई गईं, वॉटर कैनन और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। इस पुलिसिया बर्बरता से दर्जनों छात्र घायल हो गए, जिससे पूरे देश के किसानों और युवाओं में गहरा रोष व्याप्त है।
सर्व समाज मोर्चा ने रखीं ये प्रमुख मांगे
सर्व समाज मोर्चा और संयुक्त किसान मोर्चे के नेताओं ने राष्ट्रपति से गुहार लगाते हुए कहा कि देश में शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कड़े कदम उठाए जाने की जरूरत है। उन्होंने ज्ञापन में मुख्य रूप से तीन मांगे रखीं:
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाए।
पेपर लीक से जुड़े सभी मामलों की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराई जाए।
दिल्ली में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे निर्दोष छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि युवाओं पर हुए इस अत्याचार के खिलाफ त्वरित कार्रवाई नहीं की गई, तो किसान और मजदूर संगठन छात्रों के समर्थन में इस आंदोलन को राष्ट्रव्यापी रूप देने के लिए मजबूर होंगे।
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