Kaithal News: कौल में जुटा कुरुक्षेत्र और कैथल का युवा, 29 जुलाई तक चलेगा CATC-137 शिविर
पीटी, ड्रिल और मैप रीडिंग से निखर रही कैडेटों की शख्सियत, कौल में एनसीसी का वार्षिक कैंप
Kaithal News (नरेश ढांडा) ढांड। युवाओं में अनुशासन, देशभक्ति और नेतृत्व क्षमता का संचार करने के उद्देश्य से 10 हरियाणा बटालियन एनसीसी, कुरुक्षेत्र द्वारा संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (CATC-137) का आयोजन कौल स्थित कृषि महाविद्यालय (College of Agriculture, Kaul) में शुरू हो गया है। 20 जुलाई से शुरू हुआ यह 10 दिवसीय विशेष शिविर 29 जुलाई तक चलेगा।
इस शिविर के सुचारू संचालन में कृषि महाविद्यालय कौल के प्राचार्य डॉ. मेहर चंद का विशेष सहयोग मिल रहा है। शिविर का पूरा प्रबंधन प्रशासनिक अधिकारी कर्नल नीतिश कुमार और रिसालदार मेजर वीरेंद्र सिंह की देखरेख में किया जा रहा है। सैन्य अधिकारी और इंस्ट्रक्टर्स लगातार कैडेटों को अनुशासित रहने, समय का पालन करने और हर गतिविधि में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
कैथल और कुरुक्षेत्र से पहुंचे कैडेट, पहले दिन पंजीकरण व ओरिएंटेशन
इस प्रशिक्षण शिविर में कुरुक्षेत्र और कैथल जिले के विभिन्न स्कूलों और डिग्री कॉलेजों से आए करीब 360 एनसीसी कैडेट हिस्सा ले रहे हैं। शिविर के पहले दिन कैडेटों का विधिवत पंजीकरण किया गया और एक परिचयात्मक (ओरिएंटेशन) सत्र का आयोजन हुआ। इसके बाद से ही कैडेटों की दिनचर्या की शुरुआत तड़के शारीरिक प्रशिक्षण (PT), परेड ड्रिल, थ्योरी क्लासेस और खेलकूद गतिविधियों के साथ हो रही है।
एनसीसी तराशती है देश का भविष्य” — कमान अधिकारी
शिविर के कमान अधिकारी एवं कैंप कमांडेंट ने कैडेटों को संबोधित करते हुए कहा कि एनसीसी केवल एक संगठन नहीं, बल्कि युवाओं के व्यक्तित्व को निखारने का एक सशक्त माध्यम है। यह कैडेटों में अनुशासन, टीम भावना, आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा के संस्कार गहराई से रोपती है। उन्होंने सभी कैडेटों का आह्वान किया कि वे शिविर की प्रत्येक गतिविधि में पूरे उत्साह, निष्ठा और लगन के साथ भाग लें।
शिविर के आगामी दिनों में कैडेटों को मैप रीडिंग (मानचित्र अध्ययन), वेपन ट्रेनिंग (हथियार चलाना और रख-रखाव), फील्ड क्राफ्ट, पर्सनालिटी डेवलपमेंट (व्यक्तित्व विकास), सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामाजिक जागरूकता अभियानों से जोड़ा जाएगा। आयोजकों का मानना है कि यह प्रशिक्षण कैडेटों के सर्वांगीण विकास में मील का पत्थर साबित होगा और उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनाएगा।
यह भी पढ़ें– : 818वें बादली बलिदान दिवस को लेकर नीलोखेड़ी में जनसंपर्क तेज, 2 अगस्त को छिछड़ाना मंडी में जुटेगा समाज
