Kanina News: कनीना अस्पताल में दूरबीन से होंगे बड़े ऑपरेशन, अब नहीं लगाने पड़ेंगे रेवाड़ी और गुरुग्राम के चक्कर
कनीना उप नागरिक अस्पताल में शुरू हुई लैप्रोस्कोपिक सर्जरी
Kanina News: हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले स्थित कनीना उप नागरिक अस्पताल ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई और बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर को अत्याधुनिक एनेस्थीसिया सुविधाओं से सुसज्जित किए जाने के बाद अब यहां दूरबीन (लैप्रोस्कोपिक) तकनीक से जटिल ऑपरेशन किए जा सकेंगे। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. चंद्रशेखर के कार्यभार संभालने और विश्वस्तरीय ‘ड्रेगर एटलान A100’ एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन की स्थापना के साथ ही यह अस्पताल आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों से लैस हो गया है। इस सुविधा के शुरू होने से क्षेत्र के दर्जनों गांवों के हजारों मरीजों को अब इलाज के लिए महंगे निजी अस्पतालों या बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
मामले की जानकारी देते हुए हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार का मुख्य ध्येय ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों तक उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। इसी सोच के तहत कनीना अस्पताल में न केवल अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं, बल्कि अनुभवी विशेषज्ञ डॉक्टरों की भी तैनाती की गई है, ताकि हर नागरिक को उनके घर के पास ही सुलभ और विश्वस्तरीय इलाज मिल सके।
रोजाना 1000 मरीजों की ओपीडी, विशेषज्ञ डॉक्टरों की मजबूत टीम बनी ताकत
कनीना उप नागरिक अस्पताल की ओपीडी में रोजाना लगभग 1,000 मरीज पहुंच रहे हैं। केवल कनीना कस्बे से ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए यहीं निर्भर हैं। मरीजों की इस बढ़ती भीड़ को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने आधारभूत ढांचे और सर्जरी ब्लॉक को मजबूत किया है।
वर्तमान में अस्पताल में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. चंद्रशेखर, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. धर्मेंद्र, सर्जन डॉ. हेमंत नागर, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुधीर, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. कोमल गहलोत तथा फैमिली मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. साक्षी मलिक की टीम मुस्तैदी से अपनी सेवाएं दे रही है। डॉक्टरों की इस मजबूत टीम के चलते अस्पताल में ओपीडी से लेकर सर्जिकल विभाग का दायरा बेहद तेजी से बढ़ा है।
छोटे चीरे से सुरक्षित ऑपरेशन, जल्द मिलेगी अस्पताल से छुट्टी
नया ड्रेगर एटलान A100 एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन मरीज की श्वसन प्रणाली की निरंतर निगरानी रखने और सर्जरी के दौरान सुरक्षित एनेस्थीसिया देने में क्रांतिकारी भूमिका निभाएगा। अब लैप्रोस्कोपिक तकनीक से बहुत छोटा चीरा लगाकर ऑपरेशन किए जाएंगे, जिससे मरीज को न केवल कम दर्द होगा, बल्कि इंफेक्शन (संक्रमण) का खतरा भी न के बराबर रहेगा। मरीज को अस्पताल में ज्यादा दिन भर्ती भी नहीं रहना पड़ेगा और वह बेहद कम समय में रिकवर होकर अपने घर लौट सकेगा।
इस नई सुविधा के शुरू होने से अब गॉलब्लैडर (पित्त की थैली), अपेंडिक्स, हर्निया, महिलाओं से जुड़े प्रसूति रोग तथा जनरल एनेस्थीसिया की जरूरत वाले हड्डी रोगों के ऑपरेशन स्थानीय स्तर पर ही संभव होंगे। इससे क्षेत्रवासियों का समय और आर्थिक खर्च दोनों बचेगा तथा उन्हें बेवजह रेवाड़ी, नारनौल या गुरुग्राम के चक्कर काटने से हमेशा के लिए आजादी मिल जाएगी।
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