July 26, 2026

Nilokheri News: 818वें बादली बलिदान दिवस का निमंत्रण देने पहुंचे प्रचार समिति के सदस्य, चार गांवों में बैठकों का दौर

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Nilokheri News: 818वें बादली बलिदान दिवस का निमंत्रण देने पहुंचे प्रचार समिति के सदस्य, चार गांवों में बैठकों का दौर

818वें बादली बलिदान दिवस का निमंत्रण देने पहुंचे प्रचार समिति के सदस्य

Nilokheri News: नीलोखेड़ी (महाबीर मैहला)। आगामी 2 अगस्त को आयोजित होने वाले 818वें ऐतिहासिक बादली बलिदान दिवस समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं। अहर कुराना–छिछड़ाना चौक (अनाज मंडी) में होने जा रहे इस राज्यस्तरीय कार्यक्रम को सफल बनाने और समाज के प्रत्येक परिवार तक संदेश पहुंचाने के लिए कुरुक्षेत्र प्रचार समिति लगातार प्रयासरत है। इसी जनसंपर्क अभियान की कड़ी में समिति की विशेष टीम ने नीलोखेड़ी हलके के चार प्रमुख गांवों—माजरा रोड़ान, मोहड़ी जागीर, पड़वाला और बड़थल का दौरा कर ग्रामीणों को समारोह का औपचारिक निमंत्रण दिया।

प्रचार समिति की ओर से चौधरी रामपाल पलवल, चौधरी गुरुचरण जागलान, चौधरी धर्मवीर खेड़ी रामनगर, फौजी कृष्ण मैहला और सौरव मथाना ने विभिन्न गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से सीधा संवाद साधा और बादली बलिदान दिवस के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला।

गांवों में बैठकों का दौर, समाज को एकजुट करने पर जोर

जनसंपर्क अभियान के दौरान गांवों में चौपालों और सार्वजनिक स्थानों पर बैठकों का दौर चला। गांव माजरा रोड़ान में सरपंच चौधरी शक्ति मैहला की अध्यक्षता में, मोहड़ी जागीर में चौधरी टहल सिंह की अध्यक्षता में, पड़वाला में सरपंच चौधरी सतबीर सिंह की अध्यक्षता में तथा बड़थल में सरपंच चौधरी अंकित टूर्न की अध्यक्षता में विशेष बैठकें आयोजित की गईं।

अभियान के दौरान करनाल जिला परिषद के पूर्व चेयरमैन प्रतिनिधि चौधरी संजय मैहला को भी समिति सदस्यों ने समारोह का निमंत्रण पत्र सौंपा। सभी स्थानों पर मौजूद ग्रामीण एवं गणमान्य नागरिकों ने इस ऐतिहासिक पहल का स्वागत किया और 2 अगस्त को अहर कुराना-छिछड़ाना मंडी में भारी संख्या में पहुंचने का भरोसा दिलाया।

“पूर्वजों की शहादत और सामाजिक एकता का प्रतीक है यह दिन”

गांवों में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कुरुक्षेत्र प्रचार समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि 818वां बादली बलिदान दिवस महज एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह हमारे वीर पूर्वजों के अप्रतिम बलिदान, उनके संघर्ष और समाज की सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि अपनी जड़ों और इतिहास से जुड़े रहने के लिए ऐसे आयोजनों में समाज की भागीदारी बेहद आवश्यक है। समिति ने अपील की कि 2 अगस्त 2026 (रविवार) को अहर कुराना–छिछड़ाना अनाज मंडी में आयोजित इस समारोह में हर परिवार अपनी उपस्थिति दर्ज कराए और अपने पूर्वजों को नमन कर सामाजिक एकजुटता का संदेश दे।

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