Rao Narendra Singh Narnaul: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर बोले राव नरेंद्र सिंह, छात्रों के लोकतांत्रिक संघर्ष की हुई ऐतिहासिक जीत
NEET विवाद: राव नरेंद्र सिंह बोले- युवाओं के भारी आक्रोश के आगे आखिरकार झुकने को मजबूर हुई सरकार
Rao Narendra Singh Narnaul: नीट (NEET) परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के मुद्दे पर देशभर में जारी छात्र आंदोलनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को कांग्रेस ने छात्रों के संघर्ष का प्रतिफल बताया है।
नारनौल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए हरियाणा प्रदेश कांग्रेस नेता राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि यह फैसला किसी एक मंत्री का व्यक्तिगत निर्णय नहीं, बल्कि सड़कों से लेकर संसद तक अपनी आवाज बुलंद करने वाले लाखों युवाओं के धैर्य और लोकतांत्रिक संघर्ष की ऐतिहासिक जीत है।
केवल इस्तीफा काफी नहीं, दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई
राव नरेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि शिक्षा मंत्री का पद छोड़ देना ही इस पूरे विवाद का अंतिम समाधान नहीं है। उन्होंने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा महज पहला कदम है।
जब तक नीट, सीबीएसई (CBSE) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सेंध लगाने वाले ‘परीक्षा माफिया’ पर नकेल नहीं कसी जाती, तब तक लाखों होनहार छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा। केंद्र सरकार को चाहिए कि इस पूरे घोटाले की निष्पक्ष जांच कराए और पर्चा लीक करने वाले गिरोह से लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करे।”
सड़क से संसद तक जारी रहेगी पारदर्शी शिक्षा की लड़ाई
कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी लंबे समय से युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ के खिलाफ मजबूती से खड़ी रही है। कांग्रेस का यह आंदोलन केवल एक मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं रहने वाला, बल्कि इसका असली मकसद देश की चरमराती शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह से पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक भविष्य में ऐसी धांधली रोकने के लिए पुख्ता और कड़ा कानून लागू नहीं हो जाता, तब तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं का यह संघर्ष यूं ही जारी रहेगा। यह जीत केवल एक राजनीतिक घटनाक्रम नहीं, बल्कि देश के युवाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों की बहाली का उत्सव है।
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