Haryana News: हरियाणा में नई सियासी बिसात, नवीन जयहिंद से मिले सीएम नायब सैनी, शैलजा के साथ दिखे जीता हुड्डा
हरियाणा में नई सियासी बिसात: नवीन जयहिंद से मिले सीएम नायब सैनी, शैलजा के साथ दिखे जीता हुड्डा
Haryana News: हरियाणा की राजनीति में चुनावी मौसम की आहट होते ही मुलाकातों और बैठकों का दौर तेज हो गया है। बीते दो दिनों में घटे दो बड़े राजनीतिक घटनाक्रमों ने सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के भीतर नए समीकरणों को जन्म दे दिया है।
पहला घटनाक्रम रोहतक की बीपीएल कॉलोनी का है, जहां मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अचानक सामाजिक कार्यकर्ता नवीन जयहिंद के आवास पर पहुंच गए। वहीं दूसरा घटनाक्रम कांग्रेस खेमे से सामने आया, जहां बड़ौदा के दिग्गज नेता रहे स्वर्गीय श्रीकृष्ण हुड्डा के पुत्र जितेंद्र हुड्डा उर्फ जीता कांग्रेस महासचिव कुमारी शैलजा के साथ नजर आए।
जयहिंद के बीपीएल फ्लैट पर सीएम सैनी की एंट्री
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का रोहतक स्थित बीपीएल फ्लैट पर पहुंचकर नवीन जयहिंद से मिलना महज एक शिष्टाचार मुलाकात माना जाए या फिर इसके पीछे कोई बड़ी राजनीतिक रणनीति छुपी है, इसे लेकर विश्लेषकों में कयासबाजी का दौर जारी है। जयहिंद लंबे समय से युवाओं के रोजगार, बेरोजगारी, शिक्षा और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते रहे हैं।
मुलाकात के बाद नवीन जयहिंद ने अपने चिर-परिचित अंदाज में चुटकी लेते हुए कहा, “राजनीति में सब कुछ संभव है। जो नेता बड़े-बड़े फाइव स्टार होटलों और फार्म हाउसों में बैठकें करते हैं, उनका किसी बीपीएल फ्लैट में आकर मुझसे मिलना कोई साधारण बात तो नहीं है।” हालांकि भाजपा या जयहिंद की ओर से किसी आधिकारिक गठबंधन या फैसले की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इस मुलाकात ने रोहतक के राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
शैलजा संग जीते की तस्वीर, कांग्रेस के भीतर गुटबाजी की आहट
दूसरी तरफ कांग्रेस के अंदरूनी खेमे में भी एक तस्वीर ने हलचल बढ़ा दी है। बड़ौदा से कई बार विधायक रहे स्वर्गीय श्रीकृष्ण हुड्डा के बेटे जितेंद्र हुड्डा का कुमारी शैलजा के साथ दिखना कई सियासी सवाल खड़े कर रहा है। गौरतलब है कि स्वर्गीय श्रीकृष्ण हुड्डा ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के लिए अपनी बड़ौदा सीट छोड़ दी थी, ताकि वे उपचुनाव जीतकर विधानसभा पहुंच सकें।
हालांकि, उनके निधन के बाद से ही उनके बेटे जितेंद्र हुड्डा सार्वजनिक मंचों से पार्टी के भीतर अपनी और अपने परिवार की उपेक्षा का दर्द बयां करते रहे हैं। ऐसे में भूपेंद्र हुड्डा के धुर विरोधी माने जाने वाले शैलजा गुट के साथ जितेंद्र हुड्डा का दिखना, बड़ौदा और रोहतक बेल्ट में कांग्रेस के भीतर शक्ति-संतुलन बदलने के संकेत दे रहा है।
बदलते दौर में संतुलन साधने की जंग
राजनीतिक जानकारों की मानें तो हरियाणा की राजनीति अब एक बेहद नाजुक मोड़ पर खड़ी है। भारतीय जनता पार्टी जहां सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने के लिए हर दरवाजे पर दस्तक दे रही है, वहीं कांग्रेस के भीतर भी टिकट बंटवारे और वर्चस्व की लड़ाई सतह पर आती दिख रही है। आने वाले दिनों में यदि प्रदेश में कोई बड़ा राजनीतिक फेरबदल होता है, तो इन दोनों मुलाकातों को उसी पटकथा की पहली कड़ी माना जाएगा।
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