Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र में 29 जुलाई से अतिरुद्र महायज्ञ, 333 आचार्य कराएंगे 1.61 लाख रुद्राभिषेक
कुरुक्षेत्र में जानिए एक महीने के धार्मिक अनुष्ठान का पूरा शेड्यूल
Kurukshetra News: पावन सावन के महीने में धर्मनगरी कुरुक्षेत्र एक बार फिर अध्यात्म और वैदिक मंत्रोच्चार से गुंजायमान होने जा रही है। सेक्टर-8 स्थित अखंड गीता पीठ, शाहबाद सेठाश्रम ट्रस्ट (नजदीक आयुर्वेदिक कॉलेज) में 29 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक एक महीने के अतिरुद्र महायज्ञ एवं दशांश हवन यज्ञ की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। भगवान शिव को समर्पित यह विराट अनुष्ठान विश्व शांति, मानव कल्याण और पर्यावरण शुद्धि की भावना से आयोजित किया जा रहा है।
251 शिवलिंगों पर 1.61 लाख रुद्राभिषेक का ऐतिहासिक रिकॉर्ड
आयोजन की जानकारी देते हुए पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के मंडलेश्वर डॉ. स्वामी शाश्वतानंद गिरि जी महाराज ने बताया कि धार्मिक इतिहास में यह अनुष्ठान स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है। देश के कोने-कोने से आ रहे 333 प्रकांड वैदिक आचार्यों के मार्गदर्शन में 251 नवदेश्वर (नर्मदा) शिवलिंगों का पूजन होगा। पूरे माह के दौरान कुल 1,61,051 दिव्य रुद्राभिषेक, वैदिक रुद्राध्याय के साथ महामृत्युंजय मंत्र का अखंड जाप और प्रतिदिन दशांश हवन संपन्न कराया जाएगा।
रोजाना तीन सत्रों में होंगे अनुष्ठान और शिवकथा
धर्मनगरी में जुटने वाले श्रद्धालुओं के लिए हर दिन का समय सारणी तय कर दी गई है। सुबह 8:00 बजे से 11:30 बजे तक दिव्य औषधीय सामग्रियों से स्नान और महारुद्राभिषेक होगा। इसके बाद दोपहर 12:30 बजे से 3:30 बजे तक द्वितीय सत्र का पूजन और श्रृंगार दर्शन कराया जाएगा। शाम को 4:00 बजे से 7:30 बजे तक स्वामी शाश्वतानंद गिरि जी महाराज स्वयं अपने मुखारविंद से शिवमहापुराण कथा की वर्षा करेंगे।
ऑनलाइन जुड़ सकेंगे देश-विदेश के शिवभक्त
आयोजकों ने स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ एनआरआई और दूर-दराज के शिवभक्तों के लिए भी विशेष प्रबंध किए हैं। जो लोग भौतिक रूप से उपस्थित नहीं हो सकते, वे ऑनलाइन माध्यम से एकादशिनी रुद्री, लघुरुद्र, महारुद्र या अतिरुद्र महायज्ञ के यजमान बन सकेंगे। स्वामी जी ने अपील की है कि समाज में आध्यात्मिक चेतना और राष्ट्र की उन्नति के लिए सभी श्रद्धालु इस महाकुंभ में सम्मिलित होकर पुण्य लाभ कमाएं।
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