July 31, 2026

Waris Punjab De Protest: CM भगवंत मान के आवास तक कैसे पहुंच गए प्रदर्शनकारी? सुरक्षा व्यवस्था सवाल, 3000 समर्थकों पर FIR

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Waris Punjab De Protest: CM भगवंत मान के आवास तक कैसे पहुंच गए प्रदर्शनकारी? सुरक्षा व्यवस्था सवाल, 3000 समर्थकों पर FIR

Waris Punjab De Protest: चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री भगवंत मान की सेक्टर-2 स्थित सरकारी कोठी के घेराव के लिए निकले अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के प्रदर्शन ने सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदर्शन के दौरान समर्थक पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ते हुए मुख्यमंत्री आवास से करीब एक किलोमीटर पहले तक पहुंच गए। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई, कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए और प्रदर्शनकारियों ने वाटर कैनन पर भी कब्जा कर लिया। घटना के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने विधायक मनप्रीत सिंह अयाली समेत 15 नामजद और 2500 से 3000 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। पूरे घटनाक्रम के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि पहले से घोषित प्रदर्शन के बावजूद सुरक्षा घेरा कैसे टूट गया।

 

पूर्व डीजीपी ने बताई सुरक्षा में दो बड़ी कमियां

पंजाब के पूर्व डीजीपी ए.पी. पांडे ने इस पूरे घटनाक्रम को चंडीगढ़ और मोहाली पुलिस के बीच समन्वय की कमी और ग्राउंड इंटेलिजेंस की विफलता से जोड़ा। उन्होंने कहा कि इतने बड़े प्रदर्शन की पहले से जानकारी होने के बावजूद सुरक्षा की अधिक मजबूत तैयारी होनी चाहिए थी। उनके अनुसार संयुक्त रणनीति और पर्याप्त पुलिस बल की कमी इस पूरी घटना की प्रमुख वजह रही।

 

चंडीगढ़ पुलिस ने क्या दी सफाई

चंडीगढ़ की एसएसपी कंवरदीप कौर ने पुलिस की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि प्रशासन पिछले एक सप्ताह से प्रदर्शनकारी संगठन के नेताओं के साथ लगातार संपर्क में था। उनके अनुसार प्रदर्शनकारियों ने अचानक बैरिकेड तोड़ दिए और कुछ लोग हथियार लेकर भी पहुंचे थे। पुलिस का उद्देश्य किसी भी हालत में कानून-व्यवस्था को बिगड़ने से रोकना था। उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए।

 

FIR में किन लोगों को बनाया गया आरोपी

पुलिस ने विधायक मनप्रीत सिंह अयाली सहित 15 लोगों को नामजद किया है। इसके अलावा 2500 से 3000 अज्ञात प्रदर्शनकारियों को भी एफआईआर में शामिल किया गया है। सेक्टर-49 थाने में उपनिरीक्षक भूपिंदर सिंह की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 121(1), 132 और 223 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

 

संयुक्त बैठक के बावजूद कैसे टूटा सुरक्षा घेरा

प्रदर्शन से पहले चंडीगढ़ और मोहाली पुलिस के बीच संयुक्त बैठकें हुई थीं। प्रदर्शन का रूट तय किया गया था और गऊशाला चौक पर पहले से बैरिकेडिंग कर ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी की गई थी। सूत्रों के अनुसार योजना यह थी कि प्रदर्शनकारियों को मोहाली क्षेत्र में ही रोक लिया जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और प्रदर्शनकारी चंडीगढ़ सीमा तक पहुंच गए।

 

मोहाली बॉर्डर से चंडीगढ़ में कैसे दाखिल हुई भीड़

सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों को मोहाली पुलिस ने सीमा तक आने दिया। सीमा पार करने के बाद मोहाली पुलिस पीछे हट गई और भीड़ चंडीगढ़ क्षेत्र में प्रवेश कर गई। चंडीगढ़ पुलिस ने सेक्टर-45 गऊशाला चौक पर उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन वहां तैनात पुलिस बल प्रदर्शनकारियों की संख्या की तुलना में कम था।

 

पहली बैरिकेडिंग टूटी, आगे नहीं था दूसरा सुरक्षा घेरा

गऊशाला चौक पर प्रदर्शनकारियों ने पहले वाटर कैनन पर कब्जा किया और कुछ ही मिनटों में पहली बैरिकेडिंग तोड़ दी। इसके बाद वे तेजी से आगे बढ़ते गए। सूत्रों के अनुसार गऊशाला चौक से मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले मार्ग पर बीच में दूसरी मजबूत बैरिकेडिंग नहीं थी। इससे पहली सुरक्षा लाइन टूटने के बाद प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने का मौका मिल गया।

 

नेताओं की अपील के बावजूद आगे बढ़ती रही भीड़

अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के नेताओं ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण रखने की अपील की थी। विधायक मनप्रीत सिंह अयाली ने भी आगे बढ़ रही भीड़ को रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं रुके। बाद में सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह ने भी रास्ते में रुककर माइक से लोगों से आगे न बढ़ने की अपील की। हालांकि तब तक बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी आगे निकल चुके थे।

 

CM आवास की सुरक्षा पर पुलिस ने बदली रणनीति

जब प्रदर्शनकारी तेजी से मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने लगे तो पुलिस ने अपनी रणनीति बदली। वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा बढ़ाई और मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों को स्थिति की जानकारी दी। इसके बाद मुख्यमंत्री के ओएसडी अमरिंदर बराड़ को सेक्टर-7/8 चौक पर बुलाकर प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लिया गया। इसके बावजूद कुछ प्रदर्शनकारी आगे बढ़े, लेकिन धीरे-धीरे उनकी संख्या कम होती गई। अंत में पुलिस ने उन्हें नियंत्रित कर मोहाली की ओर रवाना कर दिया।

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