Mohali News: मोहाली से चंडीगढ़ कूच करेगा वारिस पंजाब दे संगठन, सीएम आवास घेरने की तैयारी, पुलिस अलर्ट पर
मोहाली से चंडीगढ़ कूच करेगा वारिस पंजाब दे संगठन
Mohali News: पंजाब के खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह और सजा पूरी कर चुके बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर वारिस पंजाब दे संगठन बुधवार को मोहाली से चंडीगढ़ कूच करेगा। प्रदर्शन से पहले संगठन के समर्थक मोहाली स्थित श्री अंब साहिब गुरुद्वारा परिसर में जुटने शुरू हो गए हैं। यहां बड़ी संख्या में निहंग भी पहुंच रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कार्यक्रम चंडीगढ़ पहुंचकर मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास की ओर मार्च करने का है। प्रदर्शन को देखते हुए चंडीगढ़ और मोहाली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त जवान तैनात किए हैं और संभावित रूट पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
करीब 500 वाहनों का काफिला, गौशाला चौक तक रहेगा मार्च
आयोजकों के अनुसार प्रदर्शनकारी करीब 500 वाहनों के काफिले के साथ बुड़ैल जेल के पीछे वाले मार्ग से चंडीगढ़ में प्रवेश करेंगे। इसके बाद काफिला सेक्टर-45 स्थित गौशाला चौक तक पहुंचेगा। योजना के मुताबिक मुख्यमंत्री आवास की ओर प्रदर्शन करने के बाद सभी प्रदर्शनकारी वापस मोहाली लौटेंगे। हालांकि पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर गौशाला चौक पर बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद कर दिया है, ताकि स्थिति को नियंत्रित रखा जा सके।
ट्रैफिक पर भी रहेगा असर, लोगों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह
प्रदर्शन के कारण चंडीगढ़ और मोहाली के बीच आवाजाही करने वाले लोगों को ट्रैफिक प्रभावित होने की संभावना है। विशेष रूप से गौशाला चौक और उससे जुड़े मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ सकता है। पुलिस ने कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया है। ऐसे में कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, विद्यार्थियों और अन्य यात्रियों को घर से निकलने से पहले ट्रैफिक अपडेट देखने और वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी गई है।
कौन हैं सांसद अमृतपाल सिंह, जिनकी रिहाई की उठ रही मांग
अमृतपाल सिंह ने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में पंजाब की खडूर साहिब सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की थी। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार कुलबीर सिंह जीरा को करीब 1.97 लाख मतों के अंतर से हराया था। चुनाव के समय वह असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद थे। सितंबर 2022 में अभिनेता दीप सिद्धू के निधन के बाद अमृतपाल सिंह ने दुबई से लौटकर वारिस पंजाब दे संगठन की कमान संभाली थी। 23 अप्रैल 2023 को अजनाला थाना हमले के मामले में उन्हें मोगा से गिरफ्तार किया गया। बाद में उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) लगाया गया और उन्हें असम की डिब्रूगढ़ जेल भेज दिया गया। पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले संगठन ने खुद को राजनीतिक दल अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के रूप में संगठित करने की घोषणा की है। संगठन ने अमृतपाल सिंह को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया है और उनके जेल से चुनाव लड़ने की बात भी कही है।
संगठन ने NSA बढ़ाने पर उठाए सवाल
वारिस पंजाब दे का आरोप है कि पंजाब सरकार अमृतपाल सिंह पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) की अवधि लगातार बढ़ा रही है। संगठन का कहना है कि इसी कारण वह खडूर साहिब से निर्वाचित सांसद होने के बावजूद अपने संसदीय क्षेत्र के लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रहे हैं। यह संगठन का आरोप है। इस संबंध में संबंधित पक्षों की अपनी-अपनी कानूनी और प्रशासनिक स्थिति है।
बंदी सिखों की रिहाई की मांग क्यों उठ रही है
सिख संस्थाओं के अनुसार “बंदी सिख” उन सिख कैदियों को कहा जाता है जिन्होंने विभिन्न मामलों में अदालत से मिली सजा पूरी कर ली है, लेकिन कानूनी, प्रशासनिक या अन्य कारणों से अभी भी जेल में हैं। इन्हीं बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर भी यह प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि ऐसे मामलों की समीक्षा कर पात्र कैदियों की रिहाई सुनिश्चित की जाए।
