Haryana SIR Draft Electoral Roll: बूथ नेटवर्क में बीजेपी आगे, कांग्रेस ने दी कड़ी टक्कर; इनेलो-जजपा का ढीला पड़ा नेटवर्क
3 अक्टूबर को आएगी फाइनल वोटर लिस्ट, 30 अगस्त तक करवाएं नाम में सुधार
Haryana SIR Draft Electoral Roll: चंडीगढ़: हरियाणा में आगामी विधानसभा और आम चुनावों से पहले चुनाव आयोग द्वारा चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत जारी प्रारूप मतदाता सूची केवल प्रशासनिक आंकड़ों का पुलिंदा भर नहीं है, बल्कि यह सूबे के सियासी दलों की ज़मीनी तैयारियों की पोल खोलता पहला आधिकारिक रिपोर्ट कार्ड बन गया है। इस पूरी कवायद में यह साफ हो चुका है कि बूथ स्तर पर अपने एजेंट (BLA) तैनात करने में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने बढ़त बना ली है, वहीं कांग्रेस भी बराबरी का मुकाबला पेश कर रही है। दूसरी तरफ, हरियाणा की राजनीति में कभी अहम पहचान रखने वाले क्षेत्रीय दल जैसे इनेलो और जजपा बूथों का जाल बिछाने के मामले में बेहद कमजोर साबित हुए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास द्वारा सर्वदलीय बैठक में जारी किए गए इस डेटा से साफ है कि चुनावी बिसात का पहला मोर्चा ‘बूथ मैनेजमेंट’ पर लड़ा जा चुका है। अभियान के दौरान राज्य में बीएलए की कुल संख्या 29,150 से छलांग लगाकर 36,998 तक पहुंच गई है।
बीएलए नेटवर्क: भाजपा का पलड़ा भारी, इनेलो-जजपा की ज़मीन खिसकी
चुनाव आयोग के आंकड़ों पर नजर डालें तो भाजपा ने प्रदेश भर के बूथों पर सबसे ज्यादा 19,242 बूथ लेवल एजेंट (BLA) तैनात किए हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि पार्टी का ‘पन्ना प्रमुख’ और ‘बूथ जीतो’ मॉडल धरातल पर सक्रिय है। हालांकि, कांग्रेस ने भी पिछले चुनावों की तुलना में अपने नेटवर्क को काफी मजबूत किया है और 15,154 बीएलए दर्ज कराकर भाजपा को सीधी टक्कर दी है।
इसके उलट, क्षेत्रीय दलों की हालत चिंताजनक दिखती है। इंडियन नेशनल लोकदल (INLO) के पास केवल 1,796 और जननायक जनता पार्टी (JJP) के खाते में महज 492 बीएलए ही दर्ज हो पाए। वामपंथी दल सीपीएम (CPM) के 314 बीएलए रहे। वहीं आम आदमी पार्टी (AAP), बहुजन समाज पार्टी (BSP) और नेशनल पीपुल्स पार्टी का तो कोई बीएलए आयोग के रिकॉर्ड में दर्ज ही नहीं हो सका।
83% से ज्यादा मतदाताओं तक पहुंची प्रक्रिया, 7.66 लाख मृत मतदाता चिन्हित
आयोग द्वारा जारी बड़ी तस्वीर के मुताबिक, प्रदेश के कुल 2,06,55,929 पंजीकृत मतदाताओं में से 1,72,72,627 (83.61%) लोगों ने अपने गणना फॉर्म जमा करा दिए हैं। इस सत्यापन के दौरान 24.13 लाख मतदाता ऐसे पाए गए जो अपने पते से स्थानांतरित हो चुके हैं या अनुपस्थित थे।
आंकड़ों की छंटाई के दौरान 7.66 लाख मृत मतदाताओं के नाम चिन्हित किए गए हैं, जबकि 2.04 लाख ऐसे मामले सामने आए हैं जहां एक ही व्यक्ति का नाम कई जगह दर्ज था। आयोग ने साफ किया है कि किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम बिना कानूनी प्रक्रिया, व्यक्तिगत नोटिस और सुनवाई के नहीं काटा जाएगा।
30 अगस्त तक मौका, 3 अक्टूबर को आएगी फाइनल लिस्ट
31 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के साथ ही चुनावी राजनीति का सबसे संवेनदशील चरण शुरू हो गया है। 30 अगस्त तक का समय मतदाताओं और राजनीतिक दलों को दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने के लिए दिया गया है। इस दौरान नए नाम जोड़ना, गलतियों को सुधारना और फर्जी नामों को हटवाने का काम होगा। 28 सितंबर तक चुनाव पंजीकरण अधिकारी सभी आपत्तियों का निपटारा करेंगे, जिसके बाद 3 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। यही सूची आगामी चुनावों की असली आधारशिला बनेगी।
यह रहेगी आगामी प्रक्रिया
प्रक्रिया
31 जुलाई को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित
30 अगस्त तक दावे और आपत्तियां
28 सितंबर तक जांच और निस्तारण
3 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी
बूथ पर राजनीतिक दलों की ताकत
राजनीतिक दल बूथ लेवल एजेंट
भाजपा 19,242
कांग्रेस 15,154
इनेलो 1,796
जजपा 492
माकपा 314
कुल बीएलए 36,998
एसआईआर से पहले बीएलए : 29,150
एसआईआर की बड़ी तस्वीर
कुल मतदाता : 2,06,55,929
गणना प्रपत्र : 1,72,72,627 (83.61%)
स्थानांतरित/अनुपस्थित : 24.13 लाख
मृत : 7.66 लाख
बहु-पंजीकृत : 2.04 लाख
नए मतदान केंद्र : 235
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