Mother Teresa School Doctors Day: लाडवा के मदर टेरेसा स्कूल के बच्चों ने अस्पतालों में जाकर डॉक्टरों को चौंकाया, मिला अनोखा सम्मान
मदर टेरेसा मॉडर्न पब्लिक स्कूल की अनूठी पहल
Mother Teresa School Doctors Day (कैलाश गोयल): कहते हैं कि डॉक्टर धरती पर भगवान का रूप होते हैं, जो अपनी सुख-नींद त्यागकर दूसरों की जिंदगी बचाते हैं। समाज के इसी सबसे मजबूत स्तंभ के प्रति कृतज्ञता जाहिर करने के लिए ‘नेशनल डॉक्टर्स डे’ के अवसर पर मथाना के मदर टेरेसा मॉडर्न पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने एक बेहद खूबसूरत अभियान चलाया। किताबों और क्लासरूम से बाहर निकलकर बच्चों ने कुरुक्षेत्र और लाडवा क्षेत्र के छोटे-बड़े अस्पतालों की चौखट पर दस्तक दी और वहां तैनात डॉक्टरों को अपनी मासूम मुस्कान और उपहारों के साथ ‘थैंक यू’ कहा।
लाडवा से लेकर कुरुक्षेत्र तक, दर्जनों अस्पतालों में गूंजी ‘थैंक यू डॉक्टर’ की आवाज
स्कूल प्रशासन की ओर से बनाई गई विभिन्न टीमों ने कुरुक्षेत्र, पिपली, मथाना और लाडवा के चिकित्सा जगत से जुड़े लगभग हर बड़े केंद्र को इस मुहिम में शामिल किया। लाडवा और उसके आसपास के इलाकों में छात्रों की टोली ने वर्मा अस्पताल, वृंदा अस्पताल, कमल अस्पताल, गणेश अस्पताल, सूरी अस्पताल, सैनी सर्जिकल अस्पताल, कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC), सैनी नर्सिंग होम, चंडीगढ़ क्लीनिक, ढींगरा क्लीनिक, देव अस्पताल, दीप ऑप्टिकल्स, सैनी इंद्रप्रस्थ अस्पताल और राधा कृष्ण अस्पताल का दौरा किया।
वहीं, दूसरी टीम ने कुरुक्षेत्र और पिपली का रुख करते हुए सुंदर क्लीनिक, महाराजा अग्रसेन अस्पताल, सत्य अस्पताल, जैन अस्पताल, केदार अस्पताल, कुरुक्षेत्र नर्सिंग होम, सोनी अस्पताल, प्रूथी न्यूरो अस्पताल, भारद्वाज अस्पताल, मित्तल अस्पताल, तेजस अस्पताल, ललित ईएनटी, पायल नर्सिंग होम, पिपली के खन्ना क्लीनिक और मथाना के अत्री क्लीनिक के चिकित्सकों से सीधी मुलाकात की।
स्मृति चिह्न पाकर भावुक हुए डॉक्टर, बच्चों को दिया उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद
इस मुलाकात के दौरान बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था। विद्यार्थियों ने डॉक्टरों को उनके दिन-रात के कड़े परिश्रम के लिए धन्यवाद देते हुए उन्हें ‘मदर्स टेरेसा स्कूल’ की ओर से एक खूबसूरत दीवार घड़ी और विशेष स्मृति चिह्न भेंट किया। बच्चों से मिले इस अचानक और निश्छल आदर से कई डॉक्टर भावुक नजर आए। चिकित्सकों ने न सिर्फ बच्चों की इस सोच को सराहा, बल्कि उन्हें बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने के टिप्स दिए और जीवन में खूब मन लगाकर पढ़ने का आशीर्वाद दिया।
पूरी मुहिम को लेकर स्कूल प्रबंधन ने अपनी सोच साझा करते हुए कहा कि शिक्षा का मतलब सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि बच्चों को संवेदनशील नागरिक बनाना भी है। इस कार्यक्रम के जरिए हम नई पीढ़ी के भीतर उन ‘रीयल हीरोज’ के प्रति सम्मान का भाव जगाना चाहते थे, जो महामारी हो या कोई भी आपातकाल, हमेशा देश की सेवा में डटे रहते हैं।
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