Doctors Day in Nilokheri: ब्रह्माकुमारी संस्थान ने क्लीनिकों में जाकर डॉक्टरों को दिया सरप्राइज, बीके संगीता ने कही बड़ी बात
मरीजों की जान बचाने वाले डॉक्टरों को ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र ने किया सम्मानित
Doctors Day in Nilokheri (महाबीर मैहला): अस्पताल की भागदौड़ और मरीजों के तनाव के बीच जब कोई आपके पास सिर्फ ‘आभार’ जताने पहुंचे, तो वह पल सुकून देने वाला बन जाता है। कुछ ऐसा ही नजारा ‘डॉक्टर्स डे’ के मौके पर नीलोखेड़ी में देखने को मिला। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के स्थानीय सेवा केंद्र ने इस बार डॉक्टरों को किसी औपचारिकता के तहत मंच पर बुलाने के बजाय, खुद उनके कर्मक्षेत्र यानी अस्पतालों और क्लीनिकों में जाकर उन्हें सम्मानित करने का फैसला किया। संस्था के इस आत्मीय रुख की शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और चिकित्सा बिरादरी में खूब सराहना हो रही है।
तन के डॉक्टर दे रहे हैं दवा, तो मन को चाहिए अध्यात्म की दुआ: बीके संगीता
इस विशेष संपर्क अभियान के दौरान डॉक्टरों से संवाद करते हुए बीके संगीता ने बेहद गूढ़ बात कही। उन्होंने कहा कि डॉक्टर केवल शरीर की व्याधियों (बीमारियों) का इलाज नहीं करते, बल्कि वे टूटते हुए परिवारों को उम्मीद देकर मानवता की सबसे बड़ी सेवा करते हैं।
उन्होंने आगे जोड़ा कि आज के इस भागदौड़ और तनावभरे दौर में सिर्फ दवाइयों से पूर्ण स्वास्थ्य पाना नामुमकिन है। जिस तरह एक डॉक्टर शरीर को निरोगी बनाता है, ठीक उसी तरह आध्यात्मिक ज्ञान आत्मा और मन को आंतरिक शक्ति देता है। जब तक चिकित्सा विज्ञान और आध्यात्मिक मूल्यों का समन्वय (तालमेल) नहीं होगा, तब तक एक पूर्णतः स्वस्थ और सुखी समाज की कल्पना अधूरी है। उन्होंने सभी डॉक्टरों के उज्ज्वल और दीर्घायु जीवन की कामना की।
इन डॉक्टरों को मिला संस्थान का स्नेह और ईश्वरीय सौगात
ब्रह्माकुमारीज की टीम ने पूरे शहर का चक्कर लगाकर जिन प्रमुख डॉक्टरों को स्मृति-चिह्न, ईश्वरीय टोली (प्रसाद) और पुष्पगुच्छ भेंट किए, उनमें चिकित्सा क्षेत्र के कई बड़े नाम शामिल रहे।
सम्मानित होने वाले डॉक्टरों की सूची में मुख्य रूप से डॉ. वंदना अग्रवाल, डॉ. संजय बंसल, डॉ. नीलम, डॉ. सेखों, डॉ. बालकरण, डॉ. बैजनाथ, डॉ. मुनीश धवन, डॉ. संगीता धवन, डॉ. सी. एल. परनामी, डॉ. रविकांत, डॉ. राजेश मित्तल, डॉ. सौरभ गौरी, डॉ. नवदीप सग्गू, डॉ. राजकुमार शर्मा, डॉ. आर. सी. वर्मा, डॉ. रणबीर भाटिया, डॉ. तविंदर वधवा, डॉ. स्वाति पांडेय और डॉ. सिद्धार्थ पांडेय शामिल थे। सभी चिकित्सकों ने संस्थान के इस कदम को बेहद सकारात्मक और ऊर्जा देने वाला बताया। इस पूरे आयोजन को सुचारू रूप से संचालित करने और सफल बनाने में भाई पंकज वर्मा, भाई गुरमेल और सौरभ अरोड़ा का विशेष योगदान रहा।
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