Haryana News: हरियाणा में अग्निवीर भर्ती का शेड्यूल जारी, 20 जुलाई से शुरू होगी सेना भर्ती
रोहतक, भिवानी और अंबाला में कब से शुरू होगी सेना भर्ती
Haryana News: देश की सेना में सबसे ज्यादा जांबाज भेजने वाले राज्य हरियाणा में एक बार फिर युवाओं के लिए फौज की वर्दी पहनने का सुनहरा मौका आने वाला है। सूबे में ‘अग्निपथ योजना’ के तहत सेना भर्ती रैलियों का खाका तैयार कर लिया गया है। इस महा-अभियान की कड़ियों को जोड़ते हुए अंबाला स्थित जोनल भर्ती कार्यालय (जेडआरओ) के उप-مहानिदेशक ब्रिगेडियर आर.एस. चिब ने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया चार चरणों में मुकम्मल होगी।
भर्ती का पहला पड़ाव रोहतक बनेगा, जहां 20 से 27 जुलाई तक झज्जर, पानीपत, रोहतक और सोनीपत के युवाओं की किस्मत का फैसला होगा। इसके बाद दूसरा चरण 2 से 18 सितंबर तक भिवानी में (भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी), तीसरा चरण 12 से 25 अक्टूबर तक अंबाला में (अंबाला, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, पंचकूला, यमुनानगर और चंडीगढ़) और आखिरी चरण जनवरी से मार्च 2027 के बीच हिसार में (हिसार, हांसी, जींद, फतेहाबाद, सिरसा) आयोजित किया जाएगा।
मुख्य सचिव की दो टूक: भर्ती होने आए युवाओं को न हो कोई असुविधा
इस बड़े भर्ती अभियान को पारदर्शी और सुव्यवस्थित ढंग से अमलीजामा पहनाने के लिए चंडीगढ़ में राज्य स्तरीय संचालन समिति (स्टेट स्टीयरिंग कमेटी) की एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने स्पष्ट किया कि भारतीय सेना में हरियाणा का योगदान अद्वितीय है, इसलिए प्रशासनिक मुस्तैदी में कोई कसर नहीं रहनी चाहिए।
उन्होंने संबंधित जिलों के उपायुक्तों (DC) को निर्देश दिए कि वे खुद कानून-व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, बिजली-पानी, साफ-सफाई और मेडिकल सुविधाओं जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं की कमान संभालें। कानून और सुरक्षा के लिहाज से हर जिले में एक नोडल अधिकारी तैनात किया जाएगा, जो सेना के अधिकारियों के साथ सीधे तालमेल में रहेगा ताकि ऐन वक्त पर किसी भी तरह की अफरा-तफरी से बचा जा सके।
स्कूलों में दी जाएगी सेना की जानकारी, बनेगा ‘विशेष कॉर्नर’
बैठक में केवल वर्तमान भर्ती ही नहीं, बल्कि भविष्य के लिए भी युवाओं को तैयार करने पर एक दिलचस्प रणनीति बनी। अब हरियाणा के सरकारी स्कूलों में ‘नो योर आर्म्ड फोर्सेज’ (अपने सशस्त्र बलों को जानें) नाम से विशेष कॉर्नर स्थापित किए जाएंगे।
स्कूल शिक्षा विभाग को इसके लिए उपयुक्त जगह चिह्नित करने को कहा गया है। यहां सेना द्वारा तैयार की गई प्रदर्शन सामग्री लगाई जाएगी, ताकि स्कूली बच्चे बचपन से ही देश सेवा की तरफ आकर्षित हो सकें और उन्हें सेना में उपलब्ध करियर के विकल्पों की सटीक जानकारी मिल सके।
चार साल बाद क्या? अग्निवीरों के पुनर्वास के लिए बनेगा डिजिटल पोर्टल
सरकार ने उन अग्निवीरों के भविष्य को लेकर भी एक बड़ा कदम उठाया है जो चार साल की सैन्य सेवा पूरी कर लौटेंगे। मुख्य सचिव ने सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे एक समर्पित डिजिटल पोर्टल विकसित करें। इस पोर्टल पर हर अग्निवीर की शैक्षणिक योग्यता, सेना में सीखे गए कौशल (Skills), ट्रेनिंग और उनके अनुभव का पूरा डिजिटल डाटाबेस होगा।
इस पहल का सीधा फायदा यह होगा कि सेवामुक्त होने के बाद इन युवाओं को विभिन्न सरकारी विभागों, पब्लिक सेक्टर (PSUs) और निजी कंपनियों में उनकी योग्यता के अनुसार सीधे रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर मिल सकेंगे।
इस महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक में सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेन्द्र कुमार, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग सहित कई आला अधिकारी मौजूद रहे।
