BJP Kuruakshetra: कुरुक्षेत्र में कल भाजपा का बड़ा कार्यकर्ता सम्मेलन, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर जुटेंगे दिग्गज
कुरुक्षेत्र में कल भाजपा का बड़ा कार्यकर्ता सम्मेलन
BJP Kuruakshetra (विजय कौशिक): देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले महान विचारक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती को भारतीय जनता पार्टी इस बार बेहद भव्य तरीके से मनाने जा रही है। इसी कड़ी में कल, यानी 3 जुलाई को कुरुक्षेत्र के गीता कमल (सेक्टर-8) स्थित भाजपा कार्यालय में ‘जिला कार्यकर्ता सम्मेलन’ का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन की पूर्व संध्या पर आज कार्यकारी जिलाध्यक्ष रमेश सैनी की अगुवाई में पार्टी पदाधिकारियों की एक विशेष बैठक बुलाई गई, जिसमें सम्मेलन को सफल बनाने और संगठन की आगामी रणनीतियों पर गंभीर मंथन हुआ।
‘एक देश में दो विधान नहीं चलेंगे’ – डॉ. मुखर्जी के सपनों का भारत हुआ साकार: रमेश सैनी
बैठक को संबोधित करते हुए कार्यकारी जिलाध्यक्ष रमेश सैनी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने कश्मीर मुद्दे पर जो नारा दिया था—’एक देश में दो विधान, दो निशान, दो प्रधान नहीं चलेंगे’, वह सिर्फ एक नारा नहीं बल्कि अखंड भारत का संकल्प था। सैनी ने जोर देकर कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हमेशा के लिए समाप्त कर डॉ. मुखर्जी के उसी सपने को हकीकत में बदला गया है, जो उन्हें पार्टी की तरफ से सबसे सच्ची श्रद्धांजलि है।
‘राष्ट्र प्रथम’ की विचारधारा पर बूथ स्तर तक मजबूत होगा संगठन
जिलाध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि आज भारतीय जनता पार्टी जिस मुकाम पर है, उसका मूल आधार जनसंघ की वही राष्ट्रवादी विचारधारा है जिसकी नींव डॉ. मुखर्जी ने रखी थी। उन्होंने कहा कि पार्टी का हर सिपाही ‘राष्ट्र प्रथम’ के सिद्धांत को मानकर समाज सेवा में जुटा है। इस दौरान उन्होंने आगामी दिनों में चलने वाले संगठन के विशेष कार्यक्रमों और ‘स्मरण पखवाड़े’ की पूरी रूपरेखा कार्यकर्ताओं के सामने रखी। सैनी ने साफ शब्दों में आह्वान किया कि आने वाले दिनों में हर कार्यकर्ता को बूथ स्तर पर जाकर संगठन की कड़ियों को और ज्यादा मजबूत करना होगा।
इस तैयारियों संबंधी बैठक में भाजपा के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी, विभिन्न मोर्चों के अध्यक्ष, जिला कार्यकारिणी के सम्मानित सदस्य, मंडल अध्यक्ष और शक्ति केंद्र प्रमुखों समेत प्रमुख कार्यकर्ता मुख्य रूप से मौजूद रहे।
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