Fatehabad News: बेटे को डूबता देख नहर में कूदा पिता, दोनों पानी के तेज बहाव में बहे
खुद बच जाता पर बेटे को कैसे छोड़ता", फतेहाबाद में कलेजे के टुकड़े को बचाने में पिता की भी मौत
Fatehabad News: फतेहाबाद के ग्रामीण अंचल से एक बेहद मार्मिक और दर्दनाक खबर आई है। बीघड़ गांव में शनिवार की दोपहर एक नेपाली परिवार के लिए काल बनकर आई। यहां एक पॉल्ट्री फार्म पर मजदूरी करने वाले पिता-पुत्र नहर के तेज बहाव में बह गए। हादसा उस वक्त हुआ जब उमस भरी गर्मी से राहत पाने के लिए कुछ मजदूर नहर में नहाने उतरे थे।
घटना की भनक लगते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला तुरंत मौके पर पहुंचा, लेकिन पानी की रफ्तार इतनी भयावह थी कि दोनों का दूर-दूर तक कोई अता-पता नहीं चला।
कलेजे के टुकड़े के लिए आखिरी सांस तक लड़ा पिता, साथी ने पीछे खींचे कदम
पॉल्ट्री फार्म के संचालक और पूर्व सरपंच के बेटे सोनू के मुताबिक, नेपाल का रहने वाला विष्णु अपनी पत्नी के साथ यहां काम करता था। शनिवार दोपहर विष्णु, उसका 17 साल का बेटा सुभाष और उनका एक हमवतन साथी बीरू गांव के पास से गुजर रही नहर पर नहाने गए थे। पैर फिसलने या गहराई का अंदाजा न होने के कारण सुभाष अचानक गहरे पानी में चला गया और हाथ-पांव मारने लगा।
बेटे को जिंदगी और मौत के बीच जूझता देख पिता विष्णु और साथी बीरू ने फौरन पानी में छलांग लगा दी। चश्मदीदों के अनुसार, जब पानी का थपेड़ा भारी पड़ा और खुद की जान पर बन आई, तो बीरू किसी तरह संघर्ष कर बाहर निकल आया। मगर एक लाचार पिता अपने बेटे को कैसे छोड़ देता? विष्णु आखिरी सांस तक अपने बच्चे को खींचने की कोशिश करता रहा और आखिरकार दोनों ही लहरों के साथ बह गए।
मां 10 दिन पहले ही नेपाल से लाई थी साथ, उजड़ गई हंसती-खेलती दुनिया
इस हादसे ने एक हंसते-खेलते गरीब परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया है। बताया गया है कि विष्णु के दो बेटे हैं, जिनमें से एक अभी भी वतन (नेपाल) में ही है। विष्णु की पत्नी कुछ समय पहले अपने गांव गई हुई थी और करीब 10 दिन पहले ही वह वापस बीघड़ लौटी थी। वह अपने साथ छोटे बेटे सुभाष को भी पहली बार यहां लेकर आई थी ताकि पूरा परिवार कुछ दिन साथ बिता सके।
मां-बेटे के आने से घर में अभी खुशियों का माहौल बना ही था कि इस अनहोनी ने मां की गोद और सुहाग दोनों एक साथ छीन लिए। बदहवास पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है और वह बार-बार नहर की तरफ देखकर अचेत हो रही है।
हिसार से बुलाई गई मरीन एक्सपर्ट्स की टीम, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय गोताखोरों को पानी में उतारा गया था, लेकिन मानसून के सीजन के कारण इन दिनों नहरें पूरी क्षमता और बेहद तेज गति से बह रही हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर कामयाबी नहीं मिल सकी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत हिसार संपर्क कर स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की टीम को वीटो कॉल पर बुलाया। SDRF के जवान अत्याधुनिक बोट्स और सर्च लाइट्स के साथ शनिवार शाम से ही नहर के चप्पे-चप्पे को खंगाल रहे हैं। हालांकि, खबर लिखे जाने तक पानी के भीतर दोनों में से किसी का भी सुराग हाथ नहीं लग सका था। पुलिस ने आगे की कनाल चौकियों को भी अलर्ट जारी कर दिया है।
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