Haryana old age pension: अब बड़े बच्चे की उम्र देखकर बनेगी बुजुर्गों की पेंशन, फैमिली ID का नया नियम लागू
कागजात न होने पर भी नहीं कटेगी बुढ़ापा पेंशन, पीपीपी का नया फॉर्मूला जानिए
Haryana old age pension: हरियाणा में परिवार पहचान पत्र यानी फैमिली आईडी (PPP) में जन्मतिथि सुधरवाने और सत्यापित कराने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे बुजुर्गों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है।
राज्य सरकार इस पूरी वेरिफिकेशन प्रक्रिया को बेहद व्यावहारिक और सरल बनाने जा रही है। दरअसल, प्रदेश में उन बुजुर्गों की तादाद काफी ज्यादा है जिनके पास अपनी सही उम्र साबित करने के लिए कोई आधिकारिक कागजात नहीं हैं। ऐसे में सरकार एक बिल्कुल नया और अनूठा विकल्प लेकर आ रही है, ताकि सिस्टम की कमियों के चलते कोई भी जरूरतमंद बुढ़ापा सम्मान भत्ते से वंचित न रह जाए।
सबसे बड़े बच्चे की उम्र होगी ‘पैमाना’, जानिए सरकार का नया फॉर्मूला
इस नई व्यवस्था के तहत सरकार ने एक बेहद तार्किक रास्ता निकाला है। नए प्रस्ताव के मुताबिक, यदि किसी बुजुर्ग के पास अपनी उम्र से जुड़ा कोई प्रमाण नहीं है, तो परिवार पहचान पत्र में दर्ज उनके सबसे बड़े बेटे या बेटी की उम्र को आधार बनाया जाएगा।
यदि बुजुर्ग की सबसे बड़ी संतान की उम्र 42 साल या उससे अधिक हो चुकी है, तो जैविक नियमों और व्यावहारिक आकलन के आधार पर संबंधित माता या पिता की उम्र को 60 साल या उससे पार मान लिया जाएगा। इस एक फैसले से उन हजारों बुजुर्गों की सबसे बड़ी चिंता दूर हो जाएगी, जो पुराना रिकॉर्ड न होने के कारण पेंशन कटने के डर के साए में जी रहे थे।
नोटिस से खड़ी हुई थी बड़ी परेशानी, दफ्तरों में लगी थीं कतारें
गौरतलब है कि हाल ही में समाज कल्याण विभाग और पीपीपी अथॉरिटी ने राज्य के कई पेंशनधारकों को मोबाइल पर संदेश भेजकर 30 दिनों के भीतर अपनी जन्मतिथि का वेरिफिकेशन कराने की हिदायत दी थी। इसके लिए सरकार की तरफ से 5 अलग-अलग तरह के दस्तावेज तय किए गए थे।
मगर जमीनी हकीकत यह है कि गांवों में रहने वाले अस्सी और नब्बे के दशक से पहले के बुजुर्गों के पास न तो कोई जन्म प्रमाण पत्र है और न ही वे कभी स्कूल गए। ऐसे में महज 30 दिनों के भीतर दस्तावेज जुटाने के फरमान ने बुजुर्गों और उनके परिवारों की रात की नींद उड़ा दी थी।
सीएम नायब सैनी का सख्त निर्देश- ‘रिकॉर्ड दुरुस्त करें, पर पेंशन न रोकें’
इस मामले पर मचे हंगामे के बीच सरकार ने अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। परिवार पहचान पत्र के राज्य समन्वयक डॉ. सतीश खोला ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस संबंध में कड़े और स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
डॉ. खोला के अनुसार, सरकार का मकसद किसी की पेंशन काटना या बंद करना बिल्कुल नहीं है, बल्कि यह पूरी कवायद केवल सरकारी रिकॉर्ड को पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जब तक वेरिफिकेशन का वैकल्पिक और आसान तरीका पूरी तरह लागू नहीं हो जाता, तब तक किसी भी मौजूदा लाभार्थी की बुढ़ापा पेंशन पर आंच नहीं आएगी और वह लगातार जारी रहेगी।
यह भी पढ़ें– Haryana News: ऑस्ट्रेलिया वाली पत्नी ने तोड़ा भरोसा, कुरुक्षेत्र का युवक ₹34 लाख के कर्ज में डूबा,अब एंबेसी से गुहार
