July 6, 2026

Punjab Congress Rift: पंजाब चुनाव से पहले कांग्रेस में भारी बगावत, प्रियंका गांधी ने संभाली कमान

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Punjab Congress Rift: पंजाब चुनाव से पहले कांग्रेस में भारी बगावत, प्रियंका गांधी ने संभाली कमान

राहुल गांधी के विदेश जाते ही पंजाब कांग्रेस में टूट का बड़ा खतरा

चंडीगढ़ (Punjab Congress Rift)। पंजाब में विधानसभा चुनाव बिल्कुल सिर पर आ चुके हैं और इसी चुनावी दहलीज पर कांग्रेस पार्टी के भीतर अचानक एक बहुत बड़ी टूट का खतरा मंडराने लगा है। देश के सबसे वीवीआईपी सियासी गलियारों से खबर है कि कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी इस वक्त विदेश दौरे पर हैं। उनकी गैर-मौजूदगी में पंजाब कांग्रेस के भीतर मचे इस घमासान को थामने के लिए वरिष्ठ नेत्री प्रियंका गांधी ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। डैमेज कंट्रोल की बड़ी कवायद शुरू। प्रियंका गांधी ने आनन-फानन में दिल्ली से दो बेहद सीनियर नेताओं को विशेष दूत बनाकर चंडीगढ़ रवाना किया है।

पार्टी के बेहद भरोसेमंद सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हाईकमान की तरफ से भेजे गए इन दोनों बड़े नेताओं ने शनिवार को चंडीगढ़ के एक गुप्त ठिकाने पर चन्नी खेमे के तमाम नाराज और बागी नेताओं को वन-टू-वन बातचीत के लिए बुलाया। बंद कमरे में घंटों चली इस बैठक में दिल्ली के दूतों ने पंजाब के नेताओं से फिलहाल किसी भी तरह की बयानबाजी न करने और शांत रहने की सख्त अपील की है। सूत्रों का यह भी दावा है कि पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से भी फोन पर लंबी बातचीत की गई है। उनसे गुजारिश की गई है कि जब तक राहुल गांधी विदेश दौरे से वापस भारत नहीं लौट आते, तब तक वे कोई भी आत्मघाती या बड़ा फैसला न लें।

चन्नी समर्थकों की दो टूक: राजा वड़िंग का नेतृत्व मंजूर नहीं

शनिवार को दिल्ली दरबार से आए नेताओं के दखल के बाद चरणजीत सिंह चन्नी के तेवर तो थोड़े ठंडे पड़ते दिखाई दिए मगर उनके वफादार समर्थकों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। चन्नी के समर्थक इस बात पर अड़ गए हैं कि चुनाव से पहले चन्नी को हर हाल में मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किया जाए या फिर उन्हें पंजाब कांग्रेस की कमान सौंपकर प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाए। समर्थकों ने साफ शब्दों में कह दिया है कि उन्हें मौजूदा पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का नेतृत्व किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं है।

पंजाब कांग्रेस के भीतर छिड़ी इस खुली जंग के बाद दिल्ली में बैठा हाईकमान चौबीसों घंटे एक्टिव मोड में आ गया है। कांग्रेस लीडरशिप अच्छी तरह जानती है कि ऐन चुनाव के वक्त पार्टी का यह बिखराव सीधे तौर पर विरोधी खेमे को बड़ी ताकत दे देगा। दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी की पैनी नजरें भी इस पूरे विवाद और कांग्रेस की अंदरूनी कलह पर लगातार गड़ी हुई हैं। सूत्रों की मानें तो कई सीनियर भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के इन नाराज और बागी चल रहे क्षत्रपों से बैकचैनल के जरिए देर रात संपर्क भी साधा है। पंजाब कांग्रेस अपने घर में किसी भी तरह का खेला रोकने की जुगत में लगी है, तो वहीं भाजपा इस सुनहरे मौके को कैश कराने की ताक में है।

पंजाब आएंगे राहुल गांधी, निकलेगी बड़ी रथयात्रा

अंदरूनी बगावत के बावजूद इस बात के आसार बेहद कम हैं कि कांग्रेस हाईकमान बागियों की हर जिद के आगे घुटने टेकेगा या बैकफुट पर आएगा। हालांकि, रणनीतिकारों को यह भली-भांति पता है कि अगर सूबे की सत्ता पर दोबारा काबिज होना है, तो सभी पुराने और नाराज दिग्गजों को एक मंच पर लाना ही होगा। इसी डैमेज कंट्रोल के तहत कांग्रेस हाईकमान पंजाब में चुनाव प्रचार के पहले चरण में एक विशाल रथयात्रा निकालने की बड़ी रूपरेखा तैयार कर रहा है।

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इस हाई-प्रोफाइल रथयात्रा का पूरा रूट और शेडयूल लगभग फाइनल होने की कगार पर है, जिसकी आधिकारिक घोषणा बेहद जल्द कर दी जाएगी। इस चुनावी रथयात्रा की धमाकेदार शुरुआत करने के लिए खुद राहुल गांधी विशेष तौर पर पंजाब आ सकते हैं। इस खास रथ पर पंजाब कांग्रेस के सभी बड़े और धुर विरोधी गुटों के नेता एक साथ खड़े नजर आएंगे ताकि जनता के बीच एकजुटता का संदेश दिया जा सके। हालांकि, इस रथयात्रा को हरी झंडी दिखाने से ठीक पहले दिल्ली के दूत हर हाल में नाराज नेताओं के एतराज को हर कीमत पर दूर करने की आखिरी कोशिश करेंगे।

चार महीने में ही हवा हुई बरनाला की कड़क चेतावनी

इसी साल फरवरी 2026 के महीने में राहुल गांधी ने बरनाला में आयोजित एक विशाल जनसभा के मंच से पंजाब के सभी कांग्रेसी नेताओं को बेहद सख्त और कड़े लहजे में गुटबाजी से दूर रहने की नसीहत दी थी। उस वक्त मंच पर राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी मौजूद थे। राहुल गांधी ने गरजते हुए कहा था कि पार्टी के भीतर जो भी नेता गुटबाजी या टांग खिंचाई करेगा, उसे तुरंत हाशिये पर धकेल दिया जाएगा और उसका पक्का ‘इलाज’ वह और खरगे मिलकर करेंगे। इस बड़ी चेतावनी के महज चार महीने बाद ही पंजाब कांग्रेस में जो भयंकर बगावत देखने को मिली है, उसने हाईकमान के इकबाल पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। देखना दिलचस्प होगा कि दिल्ली इस बार क्या विधिक और सांगठनिक कार्रवाई करती है।

टिकटों के बंटवारे को लेकर मचे घमासान के बीच पंजाब कांग्रेस के मौजूदा अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने मीडिया के तीखे सवालों का सीधा जवाब दिया है। वड़िंग ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि टिकट वितरण का पूरा अधिकार और अंतिम फैसला सिर्फ और सिर्फ कांग्रेस हाईकमान का ही होगा। इस बार हाईकमान ने यह नीति पूरी तरह साफ कर दी है कि टिकटों का आवंटन केवल और केवल मेरिट के आधार पर किया जाएगा। चुनावी समर में सिर्फ उन्हीं चेहरों को उतारा जाएगा जिनके भीतर सीट निकालने का माद्दा हो यानी केवल जिताऊ उम्मीदवारों को ही टिकट थमाया जाएगा।

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