Kurukshetra News: लाडवा के SGMP स्कूल में CBSE वर्कशॉप: प्राथमिक कक्षाओं में गणित को कैसे बनाएं आसान, 64 शिक्षकों ने सीखे गुर
SGMP स्कूल लाडवा में क्षमता निर्माण कार्यक्रम; सीबीएसई की रिसोर्स पर्सन रीमा मैग्गो ने दीं खास टिप्स
Kurukshetra News: लाडवा (कैलाश गोयल): प्राथमिक स्तर पर बच्चों के मन से गणित का डर दूर करने और इस विषय को उनके लिए रुचिकर बनाने के उद्देश्य से लाडवा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है।
धनोरा स्थित संजय गांधी मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के सौजन्य से ‘मैथमेटिक्स (एलिमेंट्री क्लासेस)’ पर केंद्रित दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम (कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम) का आगाज हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्रधानाचार्य नरेंद्र शर्मा द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्वलित कर की गई।
रिसोर्स पर्सन का स्वागत; शिक्षकों के व्यावसायिक विकास पर जोर
कार्यशाला के पहले दिन प्रधानाचार्य नरेंद्र शर्मा ने सीबीएसई से संबद्ध विभिन्न स्कूलों से पहुंचे प्रतिभागी शिक्षकों का स्वागत किया। उन्होंने मुख्य वक्ता और रिसोर्स पर्सन रीमा मैग्गो वर्मा व दुर्गेश शर्मा को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया और उनके व्यापक शैक्षणिक अनुभवों की सराहना की।
शिक्षकों को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य ने कहा कि शिक्षण क्षेत्र में लगातार नए बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों की कार्यक्षमता बढ़ाने, आधुनिक तकनीकों को समझने और बच्चों में तार्किक सोच (लॉजिकल थिंकिंग) पैदा करने के लिए बेहद जरूरी हैं।
खेल-खेल में सीखें गणित; राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की बारीकियों पर मंथन
इस दो दिवसीय सत्र में कुरुक्षेत्र और आसपास के सीबीएसई स्कूलों के लगभग 64 शिक्षकों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। रिसोर्स पर्सन ने शिक्षकों को बताया कि कैसे परंपरागत रटने वाली पद्धति को छोड़कर गतिविधि आधारित शिक्षण (एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग) और अनुभवात्मक अधिगम (एक्सपीरियंसियल लर्निंग) को अपनाया जाए।
कार्यशाला में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के खाके के अनुरूप दक्षता आधारित शिक्षा प्रणाली पर फोकस किया गया, ताकि छोटे बच्चे गणितीय अवधारणाओं को रटने के बजाय व्यावहारिक रूप से समझ सकें।
स्कूल प्रबंधन ने कार्यशाला की सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षकों के कौशल और ज्ञान को समय-समय पर अपग्रेड करना बेहद जरूरी है। इस प्रशिक्षण का सीधा फायदा क्लासरूम में देखने को मिलेगा, जिससे विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्तापूर्ण और नवोन्मेषी शिक्षा मिल सकेगी।
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