Hospital Ceiling Collapse: अलवर के हॉस्पिटल में पंखा और प्लास्टर गिरने से हादसा, डॉक्टर और मरीज पर गिरा मलबा-पंखा
अलवर के हॉस्पिटल में पंखा और प्लास्टर गिरने से हादसा
Hospital Ceiling Collapse: राजस्थान के अलवर स्थित सेटेलाइट हॉस्पिटल में सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। ओपीडी रूम नंबर-7 में मरीजों की जांच के दौरान अचानक छत का प्लास्टर और सीलिंग फैन नीचे गिर गया। हादसे में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सीताराम अग्रवाल और जांच कराने आई 25 वर्षीय महिला मरीज टीना घायल हो गईं। डॉक्टर के सिर में गंभीर चोट लगने से टांके लगाने पड़े, जबकि महिला मरीज की नाक, हाथ और पैर में चोट आई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और घायलों को तत्काल उपचार दिया गया।
मरीज की जांच के दौरान हुआ हादसा
घायल वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सीताराम अग्रवाल ने बताया कि सोमवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे वह ओपीडी में एक महिला मरीज की जांच कर रहे थे। इसी दौरान अचानक छत से मोटा प्लास्टर और पंखा टूटकर नीचे गिर गया। दोनों सीधे उसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद डॉक्टर और मरीज ने किसी तरह कमरे से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। डॉक्टर के सिर पर गंभीर चोट आई, जिसके कारण उन्हें कई टांके लगाने पड़े।
महिला मरीज को जिला अस्पताल किया गया रेफर
अस्पताल की पीएमओ डॉ. प्रमीला मीणा ने बताया कि घायल महिला की पहचान टीना (25) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से लक्ष्मणगढ़ की रहने वाली हैं और वर्तमान में अलवर के कालाकुआं क्षेत्र में रहती हैं। वह थायरॉयड की जांच के लिए अस्पताल आई थीं। हादसे में उनकी नाक पर गंभीर चोट आई, जिस पर तीन टांके लगाए गए। इसके अलावा दाहिने हाथ और पैर में भी चोट लगी। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जबकि डॉ. सीताराम अग्रवाल का उपचार सेटेलाइट हॉस्पिटल में ही जारी है।
भवन की जर्जर हालत पर पहले भी लिखे गए थे पत्र
पीएमओ डॉ. प्रमीला मीणा ने बताया कि अस्पताल भवन की खराब स्थिति को लेकर पिछले लगभग 10 महीनों से सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को लगातार पत्र भेजे जा रहे थे। उन्होंने कहा कि करीब चार महीने पहले भवन की मरम्मत के लिए लगभग 15.5 लाख रुपये की स्वीकृति भी मिल चुकी थी और यह प्रस्ताव विभाग को भेज दिया गया था। इसके बावजूद मरम्मत का कार्य शुरू नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते भवन की मरम्मत कर दी जाती, तो इस हादसे से बचा जा सकता था।
हादसे के बाद पीडब्ल्यूडी ने शुरू किया निरीक्षण
घटना के बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारी सेटेलाइट हॉस्पिटल पहुंचे और भवन का निरीक्षण किया। अस्पताल प्रशासन ने भवन के अन्य हिस्सों की भी जांच कराने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो। फिलहाल हादसे के कारणों की समीक्षा की जा रही है और भवन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
