Chandigarh News: लखनऊ में हुए रोड शो को लेकर चंडीगढ़ में शिकायत, धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप
लखनऊ में हुए रोड शो को लेकर चंडीगढ़ में शिकायत
Chandigarh News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक रोड शो को लेकर विवाद सामने आया है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता तथा काउंसिल ऑफ लॉयर्स के चेयरमैन एडवोकेट वासु रंजन ने इस कार्यक्रम के संबंध में चंडीगढ़ के डीजीपी और एसएसपी को ईमेल के जरिए शिकायत भेजी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि रोड शो के दौरान भगवान हनुमान की वेशभूषा धारण किए एक व्यक्ति को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के आगे प्रस्तुत किया गया, जिससे हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। शिकायतकर्ता ने मामले में कानूनी कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ईमेल के जरिए भेजी गई शिकायत
एडवोकेट वासु रंजन ने अपनी शिकायत में कहा है कि राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान भगवान हनुमान की वेशभूषा का इस प्रकार इस्तेमाल धार्मिक दृष्टि से आपत्तिजनक है। उनका आरोप है कि इस घटना से करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। शिकायत में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज करने की मांग की गई है। इसके साथ ही शिकायतकर्ता ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने और घटना से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का भी अनुरोध किया है।
धार्मिक प्रतीक के इस्तेमाल पर आपत्ति
शिकायत में कहा गया है कि भगवान हनुमान हिंदू धर्म के सबसे पूजनीय देवताओं में से एक हैं। राजनीतिक प्रचार या सार्वजनिक कार्यक्रम में उनकी पवित्र वेशभूषा का उपयोग धार्मिक आस्था से जुड़े लोगों की भावनाओं को प्रभावित कर सकता है। शिकायतकर्ता का कहना है कि धार्मिक प्रतीकों का राजनीतिक गतिविधियों में उपयोग गंभीर विषय है और इसकी कानूनी समीक्षा आवश्यक है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि पहली दृष्टि में मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 299 के तहत विचारणीय हो सकता है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय जांच एजेंसियों और सक्षम प्राधिकारियों द्वारा किया जाएगा।
आयोजकों और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की मांग
शिकायत में कार्यक्रम के आयोजकों, इवेंट मैनेजमेंट से जुड़े लोगों, भगवान हनुमान की वेशभूषा धारण करने वाले व्यक्ति और आयोजन से जुड़े अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि जांच में यह स्पष्ट किया जाए कि इस प्रस्तुति की अनुमति किस स्तर पर दी गई और इसके लिए कौन जिम्मेदार था। साथ ही कार्यक्रम से जुड़े सभी इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की भी मांग की गई है, ताकि जांच के दौरान तथ्यों की पुष्टि की जा सके।
जांच पूरी होने के बाद होगी आगे की कार्रवाई
शिकायत में कहा गया है कि यदि जांच के दौरान किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल यह मामला शिकायत के स्तर पर है और संबंधित एजेंसियों की ओर से जांच या किसी एफआईआर को लेकर आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और सक्षम प्राधिकारी के निर्णय पर निर्भर करेगी।
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