Punjab Weather Update: पंजाब में अगले 48 घंटे अहम, मोहाली समेत 6 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट, फरीदकोट सबसे गर्म
पंजाब के 6 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट
Punjab Weather Update: पंजाब में मानसून पहुंचने के बावजूद बारिश अभी पूरे राज्य में समान रूप से सक्रिय नहीं हुई है। मंगलवार को बारिश कम होने के कारण उमस और गर्मी का असर बना रहा तथा अधिकतम तापमान में 1.3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। फरीदकोट में राज्य का सबसे अधिक 42.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने 8 और 9 जुलाई को मौसम की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए अगले 48 घंटे के लिए भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार पंजाब के अधिकांश जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी और कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा भी हो सकती है।
मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार बुधवार को पंजाब के 21 जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है। इनमें पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर और मोहाली में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों में स्थानीय स्तर पर तेज बारिश के साथ मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। लोगों को मौसम विभाग की सलाह के अनुसार सतर्क रहने की अपील की गई है।
इन जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान
गुरदासपुर, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, बरनाला, संगरूर और पटियाला में कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। वहीं तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब, मोगा और बठिंडा में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि अधिकांश इलाकों में बादल छाए रहेंगे, जिससे तापमान में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है।
गर्मी बढ़ने से बिजली की मांग 15 हजार मेगावाट के पार
बारिश की कमी और बढ़ती गर्मी का असर बिजली की खपत पर भी दिखाई दिया। मंगलवार को पंजाब में बिजली की मांग 15,003 मेगावाट दर्ज की गई। राज्य का अपना बिजली उत्पादन 4,673 मेगावाट रहा, जबकि केंद्रीय पूल से 10,578 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराई गई। इस दौरान ग्रिड की फ्रीक्वेंसी 50.05 हर्ट्ज रिकॉर्ड की गई, जिससे बिजली आपूर्ति सामान्य बनी रही।
भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के अनुसार 7 जुलाई को भाखड़ा बांध का जलस्तर 1,567.02 फीट दर्ज किया गया। बांध में 38,018 क्यूसेक पानी की आवक हुई, जबकि 23,229 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। दूसरी ओर पौंग बांध का जलस्तर 1,318.71 फीट रिकॉर्ड किया गया। वहां 17,875 क्यूसेक पानी आया और 15,500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जलाशयों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून के पंजाब के शेष हिस्सों में अगले 2 से 3 दिनों के भीतर पूरी तरह फैलने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। फिलहाल राज्य के केवल दो जिले ऐसे हैं जहां मानसून का पूर्ण प्रभाव पहुंचना बाकी है। उन्होंने बताया कि एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी मानसून को मजबूती दे रहा है। इसके प्रभाव से आने वाले दिनों में पंजाब के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं, जिससे उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
